13 वर्ष पुराने मामले का राजीनामा से निराकरण नर्मदापुरम (ईएमएस)। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर (म.प्र.) के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती तृप्ति शर्मा के मार्गदर्शन एवं उपस्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नर्मदापुरम द्वारा जेल प्रशासन के सहयोग से केन्द्रीय जेल नर्मदापुरम में दिनांक 26.04.2026 को विशेष जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। विशेष जेल लोक अदालत का वर्चुअल शुभारंभ खण्डपीठ ग्वालियर से मुख्य न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर एवं न्यायमूर्ति आनंद पाठक, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा किया गया। उक्त लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु केन्द्रीय जेल नर्मदापुरम खण्ड-अ में एक न्यायिक खण्डपीठ का गठन किया गया, जिसमें पीठासीन अधिकारी के रूप में के. शिवानी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नर्मदापुरम तथा सुलहकर्ता सदस्य के रूप में हेमेन्द्र सिंह ठाकुर, पैनल अधिवक्ता को नियुक्त किया गया। लोक अदालत में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के न्यायालय में बंदी का धारा 138 परकाम्य लिखत अधिनियम का वर्ष 2013 से लंबित प्रकरण उभयपक्ष एवं उनके अधिवक्ताओं की उपस्थिति में राजीनामा के आधार पर निराकृत किया गया। कार्यक्रम में तृप्ति शर्मा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नर्मदापुरम, फिरोज अख्तर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नर्मदापुरम, दिव्या मित्तल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नर्मदापुरम, के. शिवानी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नर्मदापुरम, श्रीति अतुलकर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नर्मदापुरम, विशाखा गोटवार, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नर्मदापुरम, अभय सिंह, जिला विधिक अधिकारी, संतोष सिंह सोलंकी, जेल अधीक्षक, प्रहलाद सिंह बरकड़े, उप अधीक्षक, हितेश बंडिया, सहायक जेल अधीक्षक, सतीश तिवारी, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, हेमेन्द्र सिंह ठाकुर, सुलहकर्ता सदस्य, रीतेश तिवारी, अभियुक्त के अधिवक्ता, चैनसिंह मीना, परिवादी अधिवक्ता, बद्री प्रसाद अहिरवार एवं रविन्द्र कुमार सराठे, जिला न्यायालय कर्मचारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी मनोज कुमार सोनी, पूनम ठाकुर, राहुल बाल्मिक एवं नितेश डागोर उपस्थित रहे। उक्त परकाम्य लिखत अधिनियम का प्रकरण वर्ष 2013 से न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नर्मदापुरम में लंबित था, जिसमें अध्यक्ष द्वारा चिन्हित प्रकरण में व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर उभयपक्षों एवं उनके अधिवक्ताओं से चर्चा की गई। विशेष जेल लोक अदालत हेतु गठित खण्डपीठ की पीठासीन अधिकारी के. शिवानी द्वारा लोक अदालत के लाभों की जानकारी दी गई तथा उभयपक्षों एवं उनके अधिवक्ताओं से चर्चा कर प्रकरण का निराकरण किया गया। इसके पश्चात अभियुक्त को जेल से रिहा किए जाने के आदेश जारी किए गए। ईएमएस / /26,अप्रैल,2026/