दमोह (ईएमएस) । कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने उपार्जन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अवकाश के दिन का उपयोग करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं की जानकारी और कमियों पर फीडबैक लिया, ताकि समय रहते व्यवस्था में आवश्यक सुधार किया जा सके। उन्होने कहा प्रदेश सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार ने गेहू खरीदी का लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन बढ़ा दिया है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे। कलेक्टर श्री यादव ने बैठक में यह निर्देश दिए गए कि प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर बारदाना, पर्याप्त तौल कॉटे, पल्लेदार, छाया और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हो। पहले प्रति केंद्र 1000 मीट्रिक टन प्रतिदिन का लक्ष्य था, जिसे बढ़ाकर 2250 मीट्रिक टन कर दिया गया है। इसके अनुरूप सभी तैयारियां सुनिश्चित की जाएं ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े। उन्होने कहा, किसानों की उपज की सही मात्रा ही खरीदी जाए और तौल के तुरंत बाद उन्हें पक्की रसीद दी जाए, जिससे भुगतान को लेकर किसी प्रकार की चिंता न रहे। उन्होने, परिवहन व्यवस्था को लेकर ट्रांसपोर्टरों को निर्देश दिए खरीदी के बाद तत्काल उठाव किया जाए। ताकि इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जा सके और किसानों को समय पर भुगतान मिल सके। साथ ही कंट्रोल रूम को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश देते हुए कलेक्टर श्री यादव ने कहा, प्राप्त शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि समस्या पूरी तरह खत्म हुई है या नहीं। कलेक्टर श्री यादव ने सर्वेयरों को भी निर्देशित किया है, कि शासन द्वारा तय मानकों के अनुसार ही उपज की जांच की जाए। उन्होंने बताया, भारतीय खाद्य निगम (FCI) के माध्यम से कई मानकों में छूट मिली है, जिसका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को सहज, पारदर्शी और समयबद्ध उपार्जन व्यवस्था उपलब्ध कराना है। ईएमएस / 26 अप्रैल 2026