शिलांग,(ईएमएस)। राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग की अदालत से जमानत मिल गई है। यह वहीं मामला है, जिसने इंदौर से लेकर मेघालय तक और पूरे देश में काफी सनसनी फैला दी थी। मामले की शुरुआत एक नवविवाहित जोड़े से जुड़ी दुखद घटना से हुई थी। इंदौर निवासी राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद, 21 मई को दोनों हनीमून के लिए शिलांग गए थे। शुरुआत में यह यात्रा सामान्य लग रही थी, लेकिन 23 मई के बाद दोनों के लापता होने की खबर सामने आई, जिससे परिवार और प्रशासन में चिंता फैल गई। करीब 10 दिन की खोजबीन के बाद पुलिस को 2 जून 2025 को शिलांग की गहरी घाटी से राजा रघुवंशी का शव मिला। शव करीब 30 फीट गहरी खाई में मिला और उस पर धारदार हथियार के निशान मिले, जिससे यह साफ हुआ कि मामला दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या का है। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले और इसके आधार पर सोनम को मुख्य आरोपी माना गया। 9 जून 2025 को पत्नी सोनम को गाजीपुर से हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद शिलांग ले जाकर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें से पहले ही तीन आरोपियों को जमानत मिल चुकी थी। अब सोनम रघुवंशी को भी जमानत मिलने के बाद केस ने एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है। हालांकि अदालत की ओर से जमानत का मतलब आरोपों से पूरी तरह मुक्ति नहीं है, बल्कि यह केवल ट्रायल के दौरान अस्थायी राहत है। पुलिस जांच में दावा किया गया था कि सोनम का किसी युवक राज कुशवाहा से कथित प्रेम संबंध था, और इसी पहलू को लेकर हत्या की साजिश की आशंका जाहिर थी। हालांकि परिवार ने इन दावों को स्वीकार नहीं किया है। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और अंतिम फैसला आना बाकी है। आशीष दुबे / 28 अप्रैल 2026