:: क्यूआर कोड स्कैन करते ही खुलेंगे शराब के रेट, एमआरपी से ज्यादा दाम मांगने पर अब सीधे निरस्त होगा लाइसेंस :: इंदौर (ईएमएस)। प्रदेश में शराब के शौकीनों को अब दुकानों पर ओवररेटिंग का शिकार नहीं होना पड़ेगा। आबकारी विभाग ने शराब सिंडिकेट की मनमानी पर लगाम कसने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य की हर शराब दुकान पर डिजिटल आई यानी क्यूआर कोड का पहरा होगा। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि नियमों की अनदेखी हुई, तो लायसेंसियों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनका लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा। अब दुकान के अंदर शराब का दाम क्या है, यह दुकानदार नहीं बल्कि आपका स्मार्टफोन बताएगा। ई-आबकारी पोर्टल से जनरेटेड क्यूआर कोड दुकानों पर चस्पा करना अनिवार्य कर दिया गया है। ग्राहक जैसे ही इसे स्कैन करेंगे, संबंधित जिले की अधिकृत रेट लिस्ट मोबाइल स्क्रीन पर खुल जाएगी। यदि दुकानदार एमएसपी (न्यूनतम मूल्य) से कम या एमआरपी (अधिकतम मूल्य) से ज्यादा पैसे मांगता है, तो ग्राहक तुरंत इसकी शिकायत कर सकेगा। :: 10 दिन चलेगा आबकारी का सर्च ऑपरेशन :: आबकारी विभाग ने अवैध वसूली के खिलाफ 28 अप्रैल से 7 मई तक प्रदेशव्यापी 10 दिवसीय विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस दौरान आबकारी अधिकारी दुकानों का औचक निरीक्षण करेंगे और इस अभियान की पूरी रिपोर्ट 11 मई तक मुख्यालय को सौंपी जाएगी। :: क्यूआर कोड उखाड़ना होगा नामुमकिन :: विभाग ने क्यूआर कोड की मजबूती पर भी खास ध्यान दिया है। ये कोड उच्च गुणवत्ता वाले 250 जीएसएम पेपर और मजबूत ग्लू से बने होंगे, ताकि इन्हें उखाड़ना नामुमकिन हो। प्रत्येक दुकान पर 5 कोड उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें से 3 कोड मुख्य स्थानों पर चस्पा होंगे और 2 कोड आपातकालीन स्थिति के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे। वृत्त प्रभारियों को दुकान पर कोड लगने के बाद उसकी फोटो विभाग को भेजना अनिवार्य होगा, जिसके बाद ही कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। :: कोताही बरतने पर होगी सीधी कार्रवाई :: आयुक्त दीपक सक्सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर उत्पाद उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रेट लिस्ट और डिजिटल पारदर्शिता में कोताही बरतने वाले किसी भी लायसेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रकाश/28 अप्रैल 2026