राज्य
28-Apr-2026


:: साक्षरता महाभियान : जनभागीदारी और प्रशासनिक प्रयासों से मिली शानदार सफलता :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर जिले में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के विभिन्न विकासखंडों के 29 गांवों ने शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। इनमें इंदौर विकासखंड के 2 गांव, महू विकासखंड के 9 गांव, देपालपुर विकासखंड के 6 गांव और सांवेर विकासखंड के 12 गांव शामिल हैं। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। इन गांवों में जनभागीदारी और प्रशासनिक सहयोग से साक्षरता का नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इंदौर विकासखंड के खत्रीखेड़ी और टिगरियाराव, महू विकासखंड के प्रेमनगर, कोलम्बा, कनाड़, गौकन्या, भडक्या, कुण्ड, कोपरबेल, उमरिया और गोलखेड़ा, देपालपुर विकासखंड के सिरोंज्या, नौगांवा, खेड़ा, काकवा, पलसोडा और कुनगारा तथा सांवेर विकासखंड के हरियाखेड़ी, कजलाना, बिसाखेड़ी, बावल्याखेड़ी, टूमनी, गुलावट, मालीखेड़ी, ब्राम्हणखेड़ी, लोहागल, महाराजगंज खेड़ा, खापराखेड़ी व सिलोदाखुर्द गांव शत-प्रतिशत साक्षरता की श्रेणी में शामिल हो चुके हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस सफलता को जिले के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और व्यक्तिगत सशक्तिकरण का आधार है। उन्होंने शिक्षकों की सक्रिय भूमिका और प्रशासनिक समन्वय की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि शेष गांवों में भी इसी मॉडल को अपनाकर उन्हें जल्द ही पूर्ण साक्षरता की श्रेणी में लाया जाए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिले का लक्ष्य शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना तथा स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को पूरी तरह समाप्त करना है। प्रशासन का संकल्प है कि प्रत्येक नागरिक को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित हो और कोई भी व्यक्ति साक्षरता से वंचित न रहे। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रकाश/28 अप्रैल 2026