:: अ फॉरवर्ड स्टेप विद मेयर कार्यक्रम : विद्यार्थियों ने स्वच्छता, जल संरक्षण और ट्रैफिक जैसे मुद्दों पर की चर्चा :: इंदौर (ईएमएस)। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहर को स्वच्छता में अग्रणी बनाए रखने की दिशा में एक नई पहल की है। अ फॉरवर्ड स्टेप विद मेयर कार्यक्रम के तहत, महापौर ने चोइथराम स्कूल में विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया और स्वच्छता के प्रति उनकी जागरूकता को परखने के लिए एक अनूठा सरप्राइज टेस्ट लिया। इस दौरान महापौर ने छात्रों की पर्यावरणीय समझ और उनके व्यवहारिक ज्ञान को सराहा। संवाद के दौरान महापौर ने बताया कि इंदौर का लगातार स्वच्छता में नंबर वन बने रहना केवल प्रशासनिक प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे नागरिकों की सक्रिय जनभागीदारी और उनके व्यवहार में आया सकारात्मक बदलाव सबसे बड़ा कारण है। छात्रों ने भी एक स्वर में इस बात पर सहमति जताई कि पब्लिक पार्टिसिपेशन और बेहतर व्यक्तिगत आदतें ही शहर की सफलता का मूल आधार हैं। महापौर ने कचरा पृथक्करण (सेग्रीगेशन) के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आज इंदौर एक स्वच्छता ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है, जिसमें विद्यार्थियों की भूमिका एक स्वच्छता दूत के समान है। :: छात्रों के तीखे सवाल और महापौर के उत्तर :: कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने केवल स्वच्छता ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण, सोलर एनर्जी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, यातायात प्रबंधन और अवैध पार्किंग जैसे ज्वलंत मुद्दों पर महापौर से प्रश्न पूछे। महापौर ने शहर की सीवरेज व्यवस्था पर स्पष्ट जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर में प्रतिदिन लगभग 900 एमएलडी सीवरेज उत्पन्न होता है, जबकि उपचार क्षमता फिलहाल 500 एमएलडी है। उन्होंने स्वीकार किया कि शेष सीवरेज के नदियों में मिलने से प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिसे दूर करने के लिए नगर निगम ट्रीटमेंट क्षमता को बढ़ाने की दिशा में युद्धस्तर पर काम कर रहा है। :: जल संरक्षण का संदेश :: पानी के महत्व को रेखांकित करते हुए महापौर ने छात्रों को बताया कि इंदौर में जल की आपूर्ति दूरस्थ स्रोतों से की जाती है, जो कि अत्यंत खर्चीली और श्रमसाध्य प्रक्रिया है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे जल की हर एक बूंद को कीमती समझें और इसका संरक्षण अपनी दैनिक आदत में शामिल करें। उन्होंने अंत में सभी विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनने और शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। स्कूल प्रबंधन को भी महापौर ने ऐसे विषयों पर नियमित शैक्षणिक चर्चाएं आयोजित करने की सलाह दी। प्रकाश/28 अप्रैल 2026