कोरबा (ईएमएस) पोषण आहार के निर्माण व वितरण की जिम्मेदारी अब स्व-सहायता समूह की महिलाएं संभालेंगी। राज्य शासन की यह पहल महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाएगा। इससे समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ेंगे। चयनित महिला स्व-सहायता समूहों को उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद परियोजनाओं में आधुनिक उत्पादन इकाइयां स्थापित की गई। मशीनरी, पैकेजिंग उपकरण और भंडारण सुविधाओं से लैस इन इकाइयों ने ग्रामीण महिलाओं के लिए नया कार्यस्थल और नया दृष्टिकोण दिया। जब उत्पादन शुरू हुआ, तब कच्चे माल की तैयारी, उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण और परिवहन की सभी जिम्मेदारियों को महिला समूहों ने अद्भुत दक्षता के साथ संभाल लिया। सिर्फ समूह सदस्य ही नहीं, बल्कि सहायक स्टाफ में भी महिलाओं को प्राथमिकता मिली, जिससे रोजगार के अवसर और बढ़े। महिला समूह अब लगभग 72,000 हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण टेक-होम राशन उपलब्ध कराने जा रही हैं। इससे न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि यह भी सिद्ध होगा कि गांव की महिलाएं किसी भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को उत्कृष्टता से निभाने में सक्षम हैं। 29 अप्रैल / मित्तल