नई दिल्ली (ईएमएस)। पूर्ववर्ती आप सरकार की गरीब छात्रों को मुफ्त कोचिंग देने की योजना में 38 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है संबंधित विभाग द्वारा किए फर्जीवाड़े की परतें खुलती जा रही हैं। 2017 में कैबिनेट के निर्णय के बाद 9 जनवरी 2018 को ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ शुरू की गई थी। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी के छात्रों को कोचिंग देने के लिए शुरू में आठ संस्थानों को सूचीबद्ध किया गया था। इसके लिए 16 इंस्टीट्यूट ने आवेदन भरा। इंस्टीट्यूट के लिए तीन साल का पढ़ाने का अनुभव होने का मानदंड तय था, लेकिन जिन आठ इंस्टीट्यूट का चयन किया गया उनमें कई के पास एक साल का भी अनुभव नहीं था। यानी नियमों को ताक पर रखकर कोचिंग का ठेका दे दिया गया था। ....../नई दिल्ली/ईएमएस/02/ मई/2026