राज्य
04-May-2026
...


- 25 साल में ही गिरा पुल का एक हिस्सा, थम गई आवाजाही भागलपुर, (ईएमएस)। रविवार देर रात बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला पुल का 133 नंबर पिलर ध्वस्त होकर गंगा नदी में समा गया। देर रात पुल टूटने से अफरा-तफरी मच गई, हालांकि गनीमत रही कि पिलर ध्वस्त होने से पहले पुलिस और प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए आवागमन रोक दिया था, जिससे कोई वाहन उसकी चपेट में नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। वहीं हादसे के बाद नवगछिया और भागलपुर के बीच का संपर्क टूट गया है। घटना के बाद प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की हिदायत दी है। वहीं रात दो बजे के आसपास डीएम और एसएसपी के साथ ही अन्य वरीय अधिकारियों ने पुल का जायजा लिया। पुल निर्माण निगम के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में लगे गए। भागलपुर डीएम नवल किशोर चौधरी ने कहा कि, रात करीब 12.35 बजे पिलर संख्या 133 के पास एक स्लैब धंसने लगा। हमारे स्थानीय अधिकारी और एसएचओ की सूझबूझ से लोगों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया। लोगों को निकालते ही 15 मिनट के भीतर पुल का एक हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। गनीमत रही कि उस जगह कोई वाहन नहीं था। उन्होंने कहा कि भागलपुर और नवगछिया दोनों तरफ से पुल को सील कर दिया गया है। यातायात रोक दिया गया है। हम रात में वैकल्पिक मार्ग शुरू नहीं कर सकते। जो लोग भागलपुर आना चाहते हैं, वे मुंगेर की तरफ से आ सकते हैं। हम वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश कर रहे हैं। मालूम हो कि विक्रमशिला पुल का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने साल 2001 में किया था। इसकी लंबाई 4.7 किलोमीटर है. यह पुल पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल की जीवनरेखा मानी जाती है। इससे हर दिन हजारों वाहन, एक लाख से ज्यादा लोगों की आवाजाही होती है। बहरहाल इस पुल के गिरने से लोगों के बीच बड़ी आफत आ पड़ी है। एक बार फिर लोग नाव और स्टीमर के भरोसे रह गए हैं। - ०४ मई/२०२६/ईएमएस