अंतर्राष्ट्रीय
05-May-2026
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भारत-जमैका संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत किंग्स्टन(ईएमएस)। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने नौ दिवसीय कैरेबियाई दौरे के पहले चरण में जमैका की राजधानी किंग्स्टन पहुँचकर द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा प्रदान की है। इस उच्चस्तरीय यात्रा के दौरान जमैका के अलावा सूरीनाम और त्रिनिदाद व टोबैगो भी शामिल हैं, जो कैरेबियाई देशों के साथ भारत के बढ़ते रणनीतिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है। किंग्स्टन में विदेश मंत्री जयशंकर ने जमैका की विदेश मंत्री कामिना जॉनसन स्मिथ और कैबिनेट के वरिष्ठ सहयोगियों के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक की। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सहयोग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत और जमैका के बीच यह साझेदारी आने वाले समय में और अधिक मजबूत और प्रभावी होगी। आर्थिक सहयोग को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने व्यापारिक नेताओं से भी मुलाकात की और बदलते वैश्विक परिदृश्य में विश्वसनीय व्यापारिक साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। यात्रा का एक महत्वपूर्ण पहलू जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस के साथ हुई मुलाकात रही, जिसमें राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को और अधिक सक्रिय बनाने पर सहमति बनी। इस अवसर पर भारत ने मानवीय सहायता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए जमैका को 10 भीष्म क्यूब भेंट किए। यह स्वदेशी तकनीक से निर्मित मोबाइल अस्पताल प्रणाली है, जो आपदा या आपात स्थिति में कम समय में चिकित्सा सहायता प्रदान करने में सक्षम है। सांस्कृतिक और खेल संबंधों को रेखांकित करते हुए जयशंकर ने ऐतिहासिक सबिना पार्क स्टेडियम को एक नया स्कोरबोर्ड भी समर्पित किया। क्रिकेट के प्रति दोनों देशों के साझा प्रेम का जिक्र करते हुए उन्होंने क्रिस गेल और कोर्टनी वॉल्श जैसे महान खिलाड़ियों को याद किया, जो भारत और कैरेबियाई देशों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय समुदाय को भारत में हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास और तकनीकी प्रगति से अवगत कराया। यह दौरा न केवल राजनीतिक बल्कि मानवीय और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी भारत-जमैका मित्रता को एक नया आयाम देने वाला साबित हुआ है। वीरेंद्र/ईएमएस/05मई 2026