अंतर्राष्ट्रीय
05-May-2026
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यूएई में ड्रोन अटैक से तेल सुविधा केंद्र में लगी आग, ईरान बोला-हमारा हाथ नहीं तेहरान,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में 18 दिन के सीजफायर के बाद तनाव फिर बढ़ गया है। यूएई में ईरानी ड्रोन अटैक, बहरीन में रेड अलर्ट और होर्मुज संकट ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ईरानी मीडिया ने सैन्य सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की ओर सामान ले जा रही दो नागरिक नौकाओं को निशाना बनाया। ईरान का कहना है कि ये आईआरजीसी की स्पीडबोट्स नहीं बल्कि आम मालवाहक नौकाएं थीं, जिनमें सवार पांच आम नागरिकों की मौत हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने इन दावों पर चुप्पी साधते हुए होर्मुज के जरिए वाणिज्यिक जहाजों को निकालने का अभियान तेज कर दिया है। अमेरिकी सेना के मुताबिक दो अमेरिकी फ्लैग वाले जहाजों ने सफलतापूर्वक इस जलमार्ग को पार कर लिया है। अमेरिका ने ईरान के उस दावे को भी खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि उसने एक अमेरिकी नौसैनिक जहाज पर हमला किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे पूरी तरह मनगढ़ंत बताया है। बहरीन ने सोमवार रात नेशनल इमरजेंसी का ऐलान कर दिया है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात ने सोमवार को बताया कि एक ईरानी ड्रोन ने फुजैराह स्थित तेल सुविधा केंद्र में आग लगा दी। यह केंद्र होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने वाला एक अहम पाइपलाइन हब है। इसके तुरंत बाद ब्रिटिश सेना ने भी अमीरात तट के पास एक मालवाहक जहाज में आग लगने की जानकारी दी। इन हमलों के बाद ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में 6 फीसदी का भारी उछाल आया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन हमलों में हाथ होने से साफ इनकार करते हुए कहा कि अमेरिका और यूएई को इस दलदल में वापस आने से बचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सियासी संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है और इसे सिर्फ कूटनीति से सुलझाया जा सकता है। अराघची ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- होर्मुज़ में हुई घटनाओं से यह साफ़ हो जाता है कि किसी भी राजनीतिक संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं होता। पाकिस्तान की कोशिशों से बातचीत आगे बढ़ रही है, इसलिए अमेरिका को इस बात से सावधान रहना चाहिए कि कहीं कुछ दुर्भावना रखने वाले लोग उसे फिर से दलदल में न घसीट लें। उन्होंने कहा कि यूएई को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए। प्रोजेक्ट फ़्रीडम असल में प्रोजेक्ट डेडलॉक है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज के जरिए जहाजों को ले जा रहे अमेरिकी जहाजों पर हमला किया तो उसे मिटा दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान ने दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाज पर भी हमला किया है। इस बीच अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि अमेरिका, बहरीन और खाड़ी सहयोगियों के साथ मिलकर एक सुरक्षा परिषद प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिससे जलमार्ग को बाधित करने के लिए ईरान की जवाबदेही तय की जा सके। जर्मनी के चांसलर मैर्ज ने भी ईरान से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है। सिराज/ईएमएस 05मई26