-परमाणु त्रासदी की आहट से सहमी दुनिया मॉस्को(ईएमएस)। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब एक ऐसे आत्मघाती मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने पूरी मानवता के लिए न्यूक्लियर लीक का खतरा पैदा कर दिया है। यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र, जापोरिजिया की रेडिएशन निगरानी प्रयोगशाला पर हुए ताजा ड्रोन हमले ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। रूस ने सीधे तौर पर यूक्रेनी सेना पर आरोप लगाया है कि उसने जानबूझकर उस संवेदनशील इकाई को निशाना बनाया है, जो संयंत्र के आसपास विकिरण के स्तर पर नजर रखती है। संयंत्र प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को एक आत्मघाती ड्रोन के जरिए संयंत्र की बाहरी विकिरण निगरानी प्रयोगशाला पर हमला किया गया। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया है कि उपकरणों को कोई अत्यंत गंभीर नुकसान नहीं हुआ है और न ही किसी के हताहत होने की खबर है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला प्रतीकात्मक रूप से कहीं अधिक खतरनाक है। यह प्रयोगशाला संयंत्र के आसपास के रेडिएशन स्तर पर 24 घंटे नजर रखती है। यदि यह लैब पूरी तरह नष्ट हो जाती है, तो किसी भी आपातकालीन रिसाव की स्थिति में समय रहते जानकारी मिलना और बचाव कार्य करना असंभव हो जाएगा। जापोरिजिया दुनिया के दस सबसे बड़े परमाणु संयंत्रों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रोसी ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे आग से खेलने जैसा बताया है। रक्षा विशेषज्ञों की चेतावनी है कि यदि इस संयंत्र में कोई बड़ा धमाका या रेडियोधर्मी रिसाव होता है, तो इसके घातक परिणाम केवल रूस या यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेंगे। रेडियोएक्टिव बादल पूरे यूरोप की आबोहवा को जहरीला बना सकते हैं, जो दशकों तक मानवता के लिए खतरा बने रहेंगे। पुतिन ने दिखाए सख्त तेवर इस हमले के बाद मॉस्को के तेवर बेहद आक्रामक हो गए हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रशासन ने इसे परमाणु सुरक्षा के साथ खुला खिलवाड़ करार दिया है। रूस पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि वह अपनी परमाणु संपत्तियों की सुरक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस हमले के जवाब में रूसी सेना यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर पहले से कहीं अधिक भीषण हमले कर सकती है। लगातार होते ये हमले किसी बड़ी वैश्विक परमाणु त्रासदी की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। वीरेंद्र/ईएमएस/05मई 2026