राष्ट्रीय
05-May-2026


लखनऊ (ईएमएस)। देश की राजनीति की बात की जाये तो पटल पर या तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम आता है या फिर उनके उत्तराधिकारी के रुप मंें उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम सबसे ऊपर है। चुनाव दर चुनाव जहां-जहां भी लोकसभा चुनाव हो या फिर राज्यों के विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी की अलग पहचान स्थापित की तो वहीं अन्य विपक्षी दलों को ‘मुंह की खानी पड़ी।’ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद भाजपा की स्टार प्रचारक की लिस्ट मे ंशामिल रहे यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ भी शामिल थे। चुनाव प्रक्रिया के समाप्त हो जाने के बाद और आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद हम पाते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चुनावी प्रभाव साफ गया। जिन सीटों पर उन्होंने जनसभाएं और रोड शो किए, वहां याजपा का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिन 22 सीटों पर उन्होंने प्रचार किया, उनमें से 18 पर भाजपा प्रत्याशी बढ़त में रहे, जबकि तीन सीटों पर तृणमूल कांग्रेस और एक सीट पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आगे रही। चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ ने सोनामुखी, नंदकुमार, कांथी दक्षिण, बाराबनी, रामपुरहाट, बोलपुर, माथाभांगा, धुपगुड़ी, पिंगला, जॉयपुर, गारबेटा, जोरासांको, चकदहा, नबद्वीप, कटवा, बागदा और राजारहाट गोपालपुर समेत कई सीटों पर जनसभाएं कीं। इसके अलावा बांकुड़ा, कल्याणी और दमदम में उनके रोड शो ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन सीटों पर भाजपा की बढ़त को ‘योगी फैक्टर’ से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी आक्रामक प्रचार शैली और स्पष्ट संदेश ने चुनावी माहौल को प्रभावित किया। राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो जिन क्षेत्रों में योगी आदित्यनाथ ने प्रचार किया, वहां भाजपा का बेहतर प्रदर्शन पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इसे आने वाले चुनावों, खासकर उत्तर प्रदेश 2027 की रणनीति के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है। जितेन्द्र 05 मई 2026