नई दिल्ली (ईएमएस)। देशभर में बैंक धोखाधड़ी, निवेश घोटालों, चिटफंड ठगी और अन्य आर्थिक अपराधों में फंसकर अपनी जीवनभर की जमा पूंजी गंवाने वाले हजारों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि बीते वित्तीय वर्ष में एजेंसी ने पीड़ितों को उनका हक दिलाने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्यप्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार इकतीस मार्च दो हजार छब्बीस तक एजेंसी ने तिरसठ हजार चार सौ बारह करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां वास्तविक हकदारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। इसमें बैंक, आम निवेशक, आवास खरीदार और विभिन्न निवेश योजनाओं में ठगी का शिकार हुए लोग शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि अब केवल संपत्ति जब्त करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उस धनराशि को सही पीड़ितों तक पहुंचाना भी प्राथमिकता बन चुका है। यही वजह है कि कार्यशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। गिरफ्तारियों के आंकड़ों में हल्की कमी जरूर दर्ज हुई है, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय इसे अपनी रणनीतिक सफलता मान रहा है। एजेंसी का कहना है कि अब केवल उन्हीं मामलों में गिरफ्तारी की जा रही है, जहां ठोस और पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं, जिससे न्यायालय में मामला अधिक मजबूत बन सके। सजा दिलाने के मामलों में भी एजेंसी का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। पिछले दो वर्षों में अठारह मामलों में सत्तावन लोगों को दोषी ठहराया गया है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई अब केवल जांच तक सीमित नहीं, बल्कि दोषियों को सजा तक पहुंचाने पर केंद्रित है। सुबोध/०५-०५-२०२६