राष्ट्रीय
05-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्र सरकार ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में आपात ऋण गारंटी योजना के पांचवें चरण को मंजूरी दे दी गई है। सरकार का कहना है कि इस योजना से विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को संकट के समय वित्तीय राहत मिल सकेगी। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पश्चिम एशिया समेत वैश्विक हालात को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि भारतीय उद्योगों की उत्पादन क्षमता और नकदी प्रवाह प्रभावित न हो। इस योजना के तहत पात्र उद्योगों को अतिरिक्त ऋण पर पूर्ण या आंशिक गारंटी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कठिन समय में कारोबार जारी रखने में मदद मिलेगी। मंत्रिमंडल ने समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के लिए वाडिनार में पंद्रह सौ सत्तर करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी दी है। इससे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय जहाजों को मरम्मत के लिए विदेशों पर निर्भरता कम होगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार ने गुजरात में नई अर्धचालक निर्माण इकाइयों को भी स्वीकृति दी है। तीन हजार नौ सौ करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य भारत को वैश्विक अर्धचालक निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से उद्योग, कृषि, प्रौद्योगिकी और आर्थिक सुरक्षा—चारों क्षेत्रों को नई गति मिलेगी तथा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी। सुबोध/०५-०५-२०२६