इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने उज्जैन में शिप्रा नदी के 200 मीटर क्षेत्र में अवैध निर्माणों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते कहा कि शिप्रा नदी के आसपास कोई भी व्यावसायिक गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी। कोर्ट ने नदी के 100 से 200 मीटर के दायरे में प्रस्तावित रिसोर्ट के निर्माण पर रोक लगा दी। यह जनहित याचिका उज्जैन निवासी सत्यनारायण द्वारा दायर की गई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि मास्टर प्लान के प्रावधानों के बावजूद नदी के आसपास बड़े पैमाने पर निर्माण हो रहे हैं। हालांकि शासन की ओर से याचिका पर पिछली सुनवाई दौरान बताया था कि कुछ अवैध निर्माण हटाए हैं और अन्य को नोटिस दिए हैं। जिस पर कोर्ट ने उज्जैन नगर निगम और राज्य शासन को निर्देश दिए थे कि वे शिप्रा नदी के 200 मीटर क्षेत्र में हो रहे अवैध और अनधिकृत निर्माणों पर कार्रवाई कर समयबद्ध स्टेटस रिपोर्ट पेश करें। कल सुनवाई दौरान उज्जैन नगर निगम के वकीलों ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश करते बताया कि शिप्रा के 200 मीटर क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। जिसके बाद कोर्ट ने सरकार, नगर निगम के जवाब पर याची को प्रतिउत्तर अगली सुनवाई के दिन पेश करने को कहते नदी के किनारे से 100 से 200 मीटर के दायरे में प्रस्तावित रिसोर्टस के निर्माणों पर रोक लगा कोर्ट अगली तारीख 15 जून नियत की। आनंद पुरोहित/ 06 मई 2026