इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने भागीरथपुरा में नगर निगम द्वारा सप्लाई पानी से हुई 36 मौतों के मामले में दायर याचिकाओं में से नगर निगम के एमआइसी सदस्य और जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू, भागीरथपुरा क्षेत्र के पार्षद कमल वाघेला और तत्कालीन अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया द्वारा अपना नाम हटाने को लेकर दायर याचिका पर इन तीनों के आवेदन को लेकर 12 मई को फिर सुनवाई की तारीख निश्चित की है। बता दें कि कोर्ट में भागीरथपुरा मामले को लेकर आधा दर्जन से ज्यादा लंबित याचिकाओं में से एक मे उक्त तीनों को नामजद पार्टी बनाया गया है। जिसके चलते इन्होंने यह याचिका दायर की है जिस पर गत सुनवाई को सिसोनिया, शर्मा और वाघेला की ओर से उपस्थित वकीलों ने कोर्ट के समक्ष आवेदन दे निवेदन किया था कि उनके पक्षकार का नाम याचिका से हटाया जाए। इस पर कल सुनवाई दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागडिया ने आपत्ति ली और कहा कि जिम्मेदारों के नाम याचिकाओं से बाहर करने का कोई मतलब नहीं है। ऐसे तो कभी जिम्मेदारी ही तय नहीं हो सकेगी। उन्होंने आपत्ति के दौरान भागीरथपुरा टंकी में आवश्यकता से अधिक केमिकल घोलने का मुद्दा भी उठाया। इस पर इन तीनों की ओर से पेश हुए वकीलों ने कहा कि आयोग जांच कर रहा है, ऐसे में उन्हें नामजद करने का औचित्य नहीं है। इस पर एडवोकेट बागड़िया ने फिर तर्क देते कहा कि अभी किसी को भी छोड़ना सही नहीं रहेगा। कोर्ट का समय समाप्त होने से इस पर बहस आगे नहीं बढ़ सकी जिसके चलते 12 मई को इस पर फिर सुनवाई होगी। आनंद पुरोहित/ 06 मई 2026