इन्दौर (ईएमएस) कारोबारी राजा रघुवंशी की बहुचर्चित हनीमून मर्डर मिस्ट्री में उसकी हत्या की मुख्य आरोपी और उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर मेघालय सरकार ने मेघालय हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर जमानत रद्द करने की मांग की है। बता दें कि इस बहुचर्चित हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम को ईस्ट खासी हिल्स सेशंस कोर्ट द्वारा उसके चौथे जमानत आवेदन पर सशर्त जमानत दे दी गई थी। जिसके खिलाफ मेघालय सरकार की ओर से हाईकोर्ट में यह अपील करते कि ईस्ट खासी हिल्स में सेशंस कोर्ट का जारी किया गया बेल ऑर्डर रद्द कर देना चाहिए, तर्क दिया कि क्योंकि यह फैसला अपराध की गंभीरता और न्याय पर इसके संभावित असर पर ठीक से विचार करने में नाकाम है। दाखिल अर्जी में कहा गया है कि आरोप गंभीर हैं और इसकी सख्त न्यायिक जांच की जरूरत है। जिसके बाद कोर्ट ने कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश देते कि वे आरोपी सोनम रघुवंशी को इस याचिका के बारे में औपचारिक सूचना भेजें याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 12 मई नियत की। ज्ञात हो कि राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी को शिलांग के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ज्यूडिशियल) ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में खामियों को देखते हुए उसकी गिरफ्तारी के करीब एक साल बाद 27 अप्रैल 2026 को जमानत दे दी थी। कोर्ट ने जमानत कि लिए पाया कि उन्हें दिए गए गिरफ्तारी के आधार की जानकारी डॉक्यूमेंट में चेकबॉक्स अनटिक थे और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एक गलत सजा का नियम भी बताया गया था। जिसके बाद सोनम को जमानत देते न्यायालय ने कहा कि किसी भी दस्तावेज में याचिकाकर्ता को यह नहीं बताया गया कि उसे बीएनएस की धारा 103 (1) के तहत कहीं अधिक गंभीर अपराध के लिए गिरफ्तार किया जा रहा है और इस तर्क को खारिज कर दिया कि यह महज एक लिपिकीय त्रुटि थी। कोर्ट ने इस बात पर भी भी ध्यान दिलाया कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं था जिससे पता चले कि 9 जून, 2025 को जब पिटीशनर को पहली बार गाज़ीपुर की एक कोर्ट में पेश किया गया था, तो उसके पास कोई लीगल रिप्रेजेंटेशन था। आनंद पुरोहित/ 06 मई 2026