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06-May-2026


-एमएसएमई और एविएशन सेक्टर को दिया 18,100 करोड़ का राहत पैकेज नई दिल्ली,(ईएमएस)। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना के पांचवें संस्करण को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), विमान कंपनियों और अन्य कंपनियों को प​श्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ती लागतों के बीच कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए 18,100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। कोविड महामारी के दौरान मई 2020 में पहली बार शुरू की गई इस योजना से विमानन क्षेत्र के लिए 5,000 करोड़ के विशेष आवंटन सहित 2.55 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त ऋण प्रवाह की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबि पीएम मोदी ने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत ईसीएलजीएस 5.0 वैश्विक चुनौतियों के समय में भारत के व्यवसायों, विशेष कर एमएसएमई क्षेत्र का समर्थन करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा कि मजबूत गारंटी कवरेज के साथ अतिरिक्त ऋण प्रवाह को संभव बनाकर यह पहल कई क्षेत्रों की मदद करेगी। हमारा ध्यान उद्यमों को सशक्त बनाने, वृद्धि की गति को बनाए रखने और आजीविका की सुरक्षा पर केंद्रित है। यह योजना बैंकों को सरकार समर्थित गारंटी प्रदान करके प​श्चिम एशिया संकट से प्रभावित व्यवसायों को ज्यादा ऋण देने की अनुमति देती है। यदि उधारकर्ता भुगतान में चूक करते हैं तो नैशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी के जरिए सरकार एमएसएमई के लिए 100 फीसदी और बड़ी फर्मों व विमानन कंपनियों के मामले में 90 फीसदी नुकसान को कवर करेगी। इससे ऋणदाताओं का जोखिम कम होगा और व्यवसायों की नकदी प्रवाह की समस्या दूर होगी। कंपनियां वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में उपयोग की गई अपनी उच्चतम कार्यशील पूंजी का 20 फीसदी तक, 100 करोड़ रुपए की अधिकतम सीमा के साथ अतिरिक्त ऋण प्राप्त कर सकते हैं। विमानन कंपनियां जरुरत का 100 फीसदी तक, प्रति उधारकर्ता 1,500 करोड़ रुपए की सीमा के साथ अतिरिक्त कर्ज ले सकती हैं। सिराज/ईएमएस 06मई26