मुंबई,(ईएमएस)। रियल एस्टेट दिग्गज एम्बेसी डेवलपमेंट्स ने एक बड़ी कानूनी जीत हासिल की है, जिससे कंपनी पर मंडरा रहा दिवालिया होने का संकट खत्म हो गया है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) द्वारा दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के पुराने आदेश को रद्द करते ही, निवेशकों का भरोसा बहाल हुआ और कंपनी के शेयर बुधवार को 20 प्रतिशत के अपर सर्किट के करीब पहुंच गए। यह मामला तब शुरू हुआ था जब 9 दिसंबर 2025 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की दिल्ली पीठ ने एम्बेसी डेवलपमेंट्स के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू करने का आदेश दिया था। कंपनी ने फैसले के खिलाफ एनसीएलएटीका दरवाजा खटखटाया था, जिसने अब अपने अंतिम निर्णय में एनसीएलटी के आदेश को खारिज कर मामले को पूरी तरह बंद किया है। इस फैसले से कंपनी के प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाने वाले ग्राहकों व निवेशकों ने बड़ी राहत की सांस ली है। कंपनी के चेयरमैन जीतू विरवानी ने इस फैसले को सच्चाई की जीत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक पुराना मामला था, जिसमें इंडियाबुल्स रियल एस्टेट के एक पत्र को गलत तरीके से कॉरपोरेट गारंटी मान लिया गया था। कंपनी ने आश्वस्त किया है कि इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान उसके बिजनेस या किसी भी हाउसिंग प्रोजेक्ट पर कोई असर नहीं पड़ा है, और कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा। इस फैसले से घर खरीदारों और शेयरधारकों के हितों को पूरी सुरक्षा मिली है, और उनके मन से अनिश्चितता के बादल पूरी तरह छंट गए हैं। एनसीएलएटी के इस बड़े फैसले के तत्काल बाद, 6 मई 2026 को एम्बेसी डेवलपमेंट्स के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई और यह करीब 20 प्रतिशत उछलकर 58.30 पर पहुंच गया। इस कानूनी राहत ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता के बादलों को पूरी तरह छांट दिया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 30 दिनों में स्टॉक में कुल 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आशीष दुबे / 06 मई 2026