-कंपनी का ध्यान अगले 4-5 सालों में अपने डिजाइन प्लेटफॉर्म बनाने पर नई दिल्ली,(ईएमएस)। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप की वाणिज्यिक एरोस्पेस विनिर्माण इकाई को वित्त वर्ष 2032 तक सालाना कम से कम 15 से 20 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसका कारण यह है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच मांग मजबूत बनी हुई है और उत्पादन स्थिर बना हुआ है। इकाई के कार्यकारी उपाध्यक्ष और कारोबार प्रमुख मानेक बेहरामकामदीन ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समूह के वाणिज्यिक एरोस्पेस कारोबार ने वित्त वर्ष 2026 में 435 करोड़ रुपए का कुल राजस्व हासिल किया और यह इकाई कोविड-19 के बाद से राजस्व में हर साल 30 फीसदी की बढ़ोतरी कर रही है। कंपनी अब अपना खुद का डिजाइन प्लेटफॉर्म बना रही है, विशेष रूप से सर्वो एक्चुएटर और इलेक्ट्रोमैकेनिकल एक्चुएटर जैसे पुर्जों के लिए। वह बिल्ड-टु-प्रिंट विनिर्माता से डिजाइन-आधारित कंपनी बनने के लिए मूल्य श्रृंखला में बढ़ने पर विचार कर रही है। बेहरामकामदीन ने कहा कि अगले कुछ सालों में बौद्धिक संपदा विकसित करना और ‘एक्चुएशन प्रणाली के लिए डिजाइन हाउस बनने का लक्ष्य है। ये प्रणालियां विमान के अहम पुर्जे होते हैं जो पंखों और लैंडिंग गियर जैसे हिस्सों की गति को नियंत्रित करती हैं। इससे वे एरोस्पेस विनिर्माण में ज्यादा मूल्य वाली श्रेणी बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान अगले चार से पांच सालों में अपने डिजाइन प्लेटफॉर्म पर काम करने पर होगा। वर्तमान में कंपनी के पास छोटी, लेकिन बढ़ने वाली डिजाइन टीम है और वह मॉडलिंग और विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में क्षमताओं के निर्माण के लिए बाहरी विशेषज्ञों के साथ साझेदारी भी कर रही है, जो उड़ान के अहम पुर्जों के विकास के लिए जरुरी होते हैं। इनपुट लागत के बारे में पूछे जाने पर बेहरामकामदीन ने कमोडिटी के वैश्विक बाजारों में अस्थिरता की ओर इशारा किया, विशेष रूप से हाल ही में 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से एरोस्पेस विनिर्माण में उपयोग की जाने वाली धातुओं के संबंध में। विस्तार के बारे में उन्होंने कहा कि समूह ने नई एरोस्पेस विनिर्माण इकाई के लिए करीब 500 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता जताई है, जो मुंबई में उसके मौजूदा संयंत्र से काफी बड़ी है। नवी मुंबई के पास बनने वाली यह इकाई क्षमता बढ़ाने और ज्यादा जटिल पुर्जों को संभालने की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है। सिराज/ईएमएस 06मई26