राज्य
06-May-2026
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- कांग्रेस और जीतू पटवारी को किसानों के लिए आंदोलन नहीं, छल व झूठ के लिए माफी मांगना चाहिए - कांग्रेस को किसानों के मुद्दों पर आंदोलन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है - मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार किसानों से एक-एक दाना गेहूं खरीदने के लिए प्रतिबद्ध - कांग्रेस ने किसानों को गोलियों से भूना, कर्जमाफी के झूठे वादे कर डिफाल्टर बनाया- हेमंत खण्डेलवाल भोपाल(ईएमएस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित किसान चक्काजाम आंदोलन को लेकर दी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह चक्काजाम निजी राजनीतिक स्वार्थ का चक्काजाम है। यह आमजन को बंधक बनाने जैसा कृत्य है, जिससे एंबुलेंस और अग्निशमन जैसी आपात सेवाएं प्रभावित होंगी। मध्यप्रदेश के किसानों के नाम पर किया जा रहा यह आंदोलन गैर-जिम्मेदाराना और जनविरोधी है, जो प्रदेश की जनता, व्यापार और व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाला है। कांग्रेस व जीतू पटवारी को किसानों के मुद्दे पर आंदोलन नहीं, बल्कि छल व झूठ के लिए माफी मांगना चाहिए। कांग्रेस को किसानों के मुद्दों पर आंदोलन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार किसानों से एक-एक दाना गेहूं खरीदने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। कांग्रेस ने कर्जमाफी के झूठे वादों से किसानों को डिफाल्टर बना दिया था, भाजपा सरकार ने किसानों की लगभग 2800 करोड़ की राशि जमा कर उन्हें डिफाल्टर की श्रेणी से बाहर निकाला। कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वर्ष 2003-04 में गेहूं का समर्थन मूल्य क्या था और क्या उस समय किसानों का अनाज समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता था। किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं भाजपा सरकार की देन हैं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए गठित स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को भी कांग्रेस सरकारों ने वर्षों तक लागू नहीं किया। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को लाभकारी समर्थन मूल्य मिलने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। कांग्रेस ने कर्जमाफी के झूठे वादों से किसानों को डिफाल्टर बनाया, जबकि भाजपा सरकार ने ऐसे किसानों के लगभग 2800 करोड़ रुपये के कृषि ऋण ब्याज का भुगतान किया। कांग्रेस के 55 साल के कार्यकाल में गेहूं का समर्थन मूल्य सिर्फ पांच सौ रूपए तय था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 12 साल में गेहूं का समर्थन मूल्य लगभग 1600 रूपए प्रति क्विंटल बढ़ाया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार किसानों को एमएसपी पर बोनस देकर 2625 रुपये प्रति क्विंटल के मान से गेहूं खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों से एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस शासनकाल में जहां गेहूं का उत्पादन लगभग 60 लाख टन था, वहीं आज यह बढ़कर करीब 200 लाख टन तक पहुंच गया है। किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं भाजपा सरकार की देन हैं। उन्होंने कहा कि गेहूं उपार्जन में प्रारंभिक देरी बारदानों की कमी के कारण हुई थी, लेकिन अब खरीदी तेज गति से जारी है और इसके प्रभाव से बाजार में गेहूं के दाम भी 100 से 200 रुपये तक बढ़े हैं। आंदोलन करने से पहले आत्मचिंतन करे और किसानों से माफी मांगे कांग्रेस भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस किसानों को भ्रमित कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पहले किसानों से माफी मांगनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि कांग्रेस सरकारों, विशेषकर 15 माह की कमलनाथ सरकार ने किसानों के लिए क्या ठोस कार्य किए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने, उचित मूल्य दिलाने और कृषि जोखिमों को कम करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश आज दलहन उत्पादन में देश में प्रथम तथा खाद्यान्न व तिलहन उत्पादन में दूसरे स्थान पर है, जो सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आंदोलन करने से पहले आत्मचिंतन करे और किसानों से माफी मांगे।