दमोह (ईएमएस)। दमोह जिले की एक सत्य घटना पर आधारित फिल्म द दमोह फाइल्स अभी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज भी नहीं हुई की विभिन्न फिल्म समारोह में फिल्म धमाल मचा रही है फिल्म को अब तक चार नॉमिनेशन और तीन अवार्ड मिल चुके हैं फिल्म निर्माता श्रीमती रश्मि जेता और निर्देशक डॉ रश्मि जेता साथ ही सहायक निदेशक नरेंद्र अठ्या ने जानकारी देते हुए बताया की फिल्म अब तक चार अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में नामित हो चुकी है वही तीन महत्वपूर्ण फिल्म समारोह में इसे विभिन्न अवॉर्डों से नवाजा गया है. पूमबुकर इंडिपेंडेंट फिल्म फेस्टिवल तमिलनाडु 2026 बेस्ट डोकुमेंटरी शॉर्ट फिल्म, गोल्डन लाईन फिल्म फेस्टिवल कोलकाता और थिलश्री इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल तमिलनाडु में बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म के अवार्ड से नवाजा जा चुका है, वही दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म अवार्ड दिल्ली में इस फिल्म को नामित किया गया है.बहुत जल्द ये फिल्म विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नजर आएगी जिसे दर्शक देख पाएंगे दरअसल द दमोह फाइल्स एक ऐसी भयावह घटना की पड़ताल है जिसने मानवीय क्रूरता की सारी सीमाएँ तोड़ दीं। ये एक मासूम और असहाय व्यक्ति के विरुद्ध किया गया जघन्य अपराध थाकृजहाँ न कोई पुरानी दुश्मनी थी, न प्रतिशोध की कोई आग और न ही कोई स्पष्ट कारण। फिर भी यह घटना समाज के सामने एक डरावना प्रश्न खड़ा कर देती हैकृक्या यह केवल एक निर्मम अपराध थी, या फिर एक गहराई तक बीमार और विकृत मानसिकता का परिणाम? ये डॉक्यूमेंट्री उस भयावह सच्चाई की तह तक जाती है, जिसमें जिसमें एक घिनौना कृत सामने आया है । संवेदनशील और खोजपूर्ण नैरेशन के माध्यम से फिल्म इस अपराध के मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और कानूनी पहलुओं की पड़ताल करती है। यह मानव स्वभाव, मानसिक विकार और सभ्यता तथा बर्बरता के बीच की नाजुक सीमाओं पर गंभीर प्रश्न उठाती है। लेकिन द दमोह फाइल्स केवल एक अपराध की कहानी नहीं है। यह उस व्यवस्था को भी समझने की कोशिश है जो अपराधी और समाज के बीच खड़ी होती हैकृभारतीय कानून की सुधारवादी न्याय व्यवस्था और जेलों की वास्तविकता बताने की कोशिश यह फिल्म करती है,द दमोह फाइल्स केवल एक घटना का दस्तावेज नहीं बनती, बल्कि न्याय, सुधार और मानव मन की अंधेरी गहराइयों पर एक गंभीर चिंतन प्रस्तुत करती है। “द दमोह फाइल्स” फिल्म का निर्माण जहां श्रीमती रश्मि जेता ने किया है वहीं निर्देशन डॉ रश्मि जेता जी द्वारा किया गया सह निर्देशन नरेंद्र अठ्या ने किया है, मुख्य किरदार में मनीष सोनी, जूही सोनी, संजय रजक, शिवम सोनी ने निभाई है वही फिल्म निर्माण में एडिटर और सिनेमैटोग्राफर के रूप में राहुल तिवारी की विशेष भूमिका रही है फिल्म में सहयोगी के रूप में शनि परोचे, मधुर कांत गार्डिया जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं.वही देवेंद्र और नन्नू का विशेष सहयोग रहा है, इस फिल्म में विशेष अभिमत डॉ विनय सिंह यदु पूर्व सिविल सर्जन एवं अधिवक्ता मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं सी एल प्रजापति पूर्व जेल उप अधीक्षक ने दिया है. आगामी समय में ये फिल्म विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों के बीच नजर आएगी.। ईएमएस / 06 मई 2026