नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत और वियतनाम के बीच रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में बुधवार को कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें व्यापार, रक्षा, कृषि, दवा, सांस्कृतिक विरासत और समुद्री सहयोग जैसे कई अहम विषयों पर सहमति बनी। बैठक के बाद संयुक्त संवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल कूटनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि वियतनाम के राष्ट्रपति ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत बोधगया से की, जो दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर सोलह अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। अब दोनों देशों ने इसे वर्ष दो हजार तीस तक पच्चीस अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए कई नए आर्थिक और कारोबारी फैसलों पर सहमति बनी है। दवा क्षेत्र में हुए समझौते के बाद भारतीय औषधियों की पहुंच वियतनाम में और आसान होगी। इसके साथ ही भारत के कृषि उत्पाद, मत्स्य उत्पाद और पशु आधारित उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। दोनों देशों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई। साथ ही प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, मंदिरों के जीर्णोद्धार और ऐतिहासिक पांडुलिपियों के संरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस मुलाकात को भारत की पूर्वी सहयोग नीति और दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ती रणनीतिक भागीदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सुबोध/०६-०५-२०२६