07-May-2026


इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की कोर्ट में नगर निगम द्वारा मार्जिनल ओपन स्पेस (एमओएस) पर लगाए गए टैक्स के विरोध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई दौरान नगर निगम की ओर से जवाब पेश करते बताया कि एमओएस पर यह टैक्स नियमों के तहत लगाया है। इसमें कोई अनियमितता नहीं है। जिसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपना प्रतिउत्तर जमा कराने के लिए समय देते हुए याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख ग्रीष्मावकाश के बाद नियत करने का निर्णय लिया। कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता ने आशंका जताते कहा कि इस दौरान निगम द्वारा जनता को परेशान किया जा सकता है। ऐसे में उसे वसूली से रोका जाए। इस पर कोर्ट ने छूट दी कि निगम यदि किसी से एमओएस की राशि वसूली के लिए सख्ती बरतता है तो वे सुनवाई के लिए तय तारीख के पहले कभी भी कोर्ट आ सकते हैं। ज्ञात हो कि निगम द्वारा लगाएं इस एमओएस टैक्स के खिलाफ अभिभाषक मीना चापेकर के जरिए संजय गोयल ने याचिका दायर करते कहा है कि मकान बनाते वक्त स्वीकृत नक्शे में ही भूखंड का एक भाग खाली रखा जाता है, ताकि मकान में हवा, धूप आ सके। भवन निर्माण के नियमों में भी एमओएस छोड़ना अनिवार्य है। अब तक एमओएस पर टैक्स में छूट थी, लेकिन इस वर्ष से निगम ने एमओएस को टैक्स के दायरे में ले लिया है। इससे नागरिकों को 500 से चार हजार रुपए तक वार्षिक तौर पर अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। इस पर गत सुनवाई दौरान कोर्ट ने निगम से जवाब तलब किया था जिसे निगम द्वारा पेश किया गया। आनंद पुरोहित/ 07 मई 2026