व्यापार
07-May-2026


- चुनौतियों से निपटने जोखिम विश्लेषण और बहु-स्तरीय सुधार रणनीति अपनाई नई दिल्ली (ईएमएस)। महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) समूह वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के मौजूदा दौर में अपनी आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक मजबूत तथा लचीला बनाने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। समूह के एक व‎रिष्ठ अ‎धिकारी ने बताया कि कंपनी ने हाल की वैश्विक बाधाओं से सीखे गए सबक के आधार पर भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर जोखिम विश्लेषण और बहु-स्तरीय सुधार रणनीति अपनाई है। यह कवायद चक्रीय समाधानों के बजाय वाहन कारोबार में संरचनात्मक मजबूती लाने का व्यापक प्रयास है। अ‎धिकारी ने 1,00,600 करोड़ रुपये की खरीद, 1,00,000 पुर्जों और 40 कमोडिटी पर किए गए विस्तृत जोखिम-विश्लेषण का विवरण दिया। इस विश्लेषण में 82 पुर्जा-समूहों और 9 कमोडिटी को भू-राजनीतिक, कच्चे माल, एकल-आपूर्तिकर्ता, लॉजिस्टिक और नियामकीय पहलुओं के कारण उच्च जोखिम वाला पाया गया है। कंपनी ने परिचालन, सोर्सिंग और डिजाइन तक विस्तृत बहु-स्तरीय सुधार वाली रणनीति अपनाई है। इसमें स्टॉक बढ़ाना, वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं का स्थानीयकरण, डिजाइन में कमी लाना और एक सक्रिय इंटेलिजेंस डेस्क बनाना शामिल है ताकि किसी भी घटना पर तेजी से प्रतिक्रिया दी जा सके। शाह ने कहा कि इन उपायों ने सेमीकंडक्टर से लेकर दुर्लभ खनिज और मेमोरी चिप तक की पिछली बाधाओं से निपटने में कंपनी की मदद की है। एमएंडएम के निवेशक प्रस्तुतीकरण में जोखिम मुक्त आपूर्ति श्रृंखला और कमोडिटी प्रतिरक्षा कार्यक्रम को प्रमुख व्यावसायिक कार्यों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जो दर्शाता है कि ये उपाय अस्थायी प्रतिक्रियाओं के बजाय स्थायी परिचालन रणनीति का हिस्सा हैं। वैश्विक महामारी, सेमीकंडक्टर की कमी और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी घटनाओं ने पिछले कुछ वर्षों में आपूर्ति श्रृंखलाओं को गंभीर रूप से बाधित किया है, जिससे विनिर्माताओं को आपूर्ति और जोखिम प्रबंधन के बारे में नए सिरे से सोचने पर मजबूर होना पड़ा है। महिंद्रा का यह कदम इन्हीं अनुभवों का परिणाम है। सतीश मोरे/07मई ---