व्यापार
07-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। जुलाई 2025 से मार्च 2026 के दौरान भारतीय रक्षा क्षेत्र में आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति देखी गई। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने इस अवधि में लाखों करोड़ रुपये के कई पूंजीगत खरीद प्रस्तावों को हरी झंडी दी, जिनमें सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियां, पर्वतीय रडार, ब्रह्मोस और मानव रहित हवाई प्रणालियां प्रमुख थीं। सितंबर 2025 में भारतीय वायु सेना के लिए 62,370 करोड़ रुपये में 97 स्वदेशी उत्तम रडार से लैस हल्के लड़ाकू विमान एमके1ए के खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए। वहीं मार्च 2026 में एस-400 वायु रक्षा प्रणाली सहित लगभग 2.38 लाख करोड़ रुपये के बड़े प्रस्ताव स्वीकृत हुए। वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा मंत्रालय ने कुल 6.81 लाख करोड़ रुपये के 109 प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी और 2.28 लाख करोड़ रुपये के 503 पूंजीगत खरीद अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा पूंजीगत मद में 2.19 लाख करोड़ रुपये (21.84 फीसदी वृद्धि) आवंटित किए गए, जो आधुनिकीकरण पर केंद्रित है। सतीश मोरे/07मई ---