07-May-2026
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जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी को विखंडित करने के प्रस्ताव का विरोध जबलपुर (ईएमएस)। मप्र आयुर्विज्ञान विश्व विद्यालय मेडिकल यूनिवर्सिटी (एमपीएमएसयू) के विखंडन की तैयारी शुरु हो गई| इस यूनिवर्सिटी को तीन हिस्से में बनाने का प्रस्तावित तैयार किया गया है, जिसका एक हिस्सा भोपाल, दूसरा हिस्सा उज्जैन और तीसरा हिस्सा जबलपुर में रखना प्रस्तावित है| जबलपुर के साथ लगातार उपेक्षित व्यवहार किया जा रहा है| इसके पूर्व 6 साल पहले रादुविवि का विखंडन किया गया, रादुविवि के हिस्से के कॉलेज छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी को दिए और फिर डेयरी साइंस कॉलेज जबलपुर से छीनकर उज्जैन में स्थापित कर दिए| इसी तरह वेटरनरी यूनिवर्सिटी भी विखंडित की गई| जबलपुर के साथ इस उपेक्षित रवैये को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने कड़ा विरोध जताया है| मंच ने कहा है कि अमेरिकी यूनिवर्सिटी के विखंडन को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को एक पत्र लिखा गया है जिसकी प्रतिलिपि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को भी भेजी गई| नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने इस प्रस्ताव को विखंडन बताकर इसका घोर विरोध करने का निर्णय लिया है| तदानुसार मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को पत्र भेजा है| पत्र की प्रतिलिपि मंत्री राकेश सिंह को भी भेजी है| उपभोक्ता मंच के प्रातांध्यक्ष डॉ.पीजी नाजपांडे ने बताया कि 6 वर्ष पूर्व में रादुविवि का हिस्सा छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी को देकर जबलपुर के यूनिवर्सिटी का विखंडन किया गया है| उसके बाद 2 वर्ष पूर्व में डेयरी साइंस कॉलेज जबलपुर से छीनकर उसे उज्जैन स्थापित किया गया, उसे विक्रम यूनिवर्सिटी को दिया गया तथा जबलपुर के वेटरनरी यूनिवर्सिटी का विखंडन किया गया| उन्होंने बताया कि एमपीएमएसयू विखंडन को लेकर अब यह दलील दी जा रही है कि मेडिकल यूनिवर्सिटी में एलोपैथी, आयुर्वेदिक, नर्सिंग आदि कॉलेजों की संख्या बढ़ने से काम ज्यादा बढ़ गया है| ऐसी स्थिति में जबलपुर कैंपस में ही तीन अलग बिल्डिंग में इन विभागों को स्थापित करना चाहिए| इससे मेडिकल यूनिवर्सिटी को अलग शहरों में हिस्सों में बांटने की जरुरत नहीं पड़ेगी| मंच की बैठक में डॉ.पीजी नाजपांडे, रजत भार्गव, एड.वेदप्रकाश अधौलिया, सुशीला कनौजिया, उमा दाहिया, डीआर लखेरा, मनीष शर्मा, माया कुशवाहा आदि शामिल थे| सुनील साहू / मोनिका / 07 मई 2026/ 04.26