राज्य
07-May-2026


अंग्रेजी राष्ट्रभाषा होती तो देश में अंधविश्वास, नफरत की जगह वैज्ञानिक सोच और प्रेम होता भोपाल (ईएमएस) । अपनी किताबों और बेबाक बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहने वाले मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी नियाज खान ने अंग्रेजी भाषा और देश के राजनीतिक दलों को लेकर अपने सोशल मीडिया एकाएंट से पांच ट्वीट किए है। जिसमें नियाज ने राष्ट्रभाषा अंग्रेजी होने का पक्ष रखा है। इसके साथ ही एक अन्य ट्वीट में नियाज ने मुस्लिम राजनेताओं को भी जमकर कोसा है। उन्होंने लिखा है कि ओवैसी और हुमायूं कबीर जैसे मुस्लिम नेता मुस्लिमों की कब्र खोदकर ही मानेंगे। एमपी कैडर के आईएएस रहे नियाज खान पिछले साल रिटायर हुए हैं। ब्राह्मण द ग्रेट नॉवेल नियाज खान ने अपने सेवाकाल में ही लिखा था। गुरुवार को खान ने तीन अलग-अलग ट्वीट किए हैं, जिसमें से ताजा ट्वीट में उन्होंने देश की राष्ट्रभाषा अंग्रेजी होने की वकालत की है। हालांकि खान ने अपने ट्वीट में हिन्दी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। जानिए खान के तीनों ट्वीट में कौन-कौन निशाने पर रहा। ट्वीट 1 यदि स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होती, तो देश में अंधविश्वास और घृणा की जगह वैज्ञानिक सोच और प्रेम होता। अभी भी बहुत समय है। ट्वीट2 ओवैसी और हुमायूं कबीर जैसे मुस्लिम नेता मुसलमानों की कब्रें खोदने के बाद ही चैन से बैठेंगे। आज विकास के नाम पर मुसलमानों की हालत शून्य है, और ऊपर से ये नेता उन्हें बर्बाद करके छोड़ देंगे। ट्वीट3 आज दुनिया वैज्ञानिक सोच की ओर बढ़ रही है और चांद पर बसने की तैयारी कर रही है, लेकिन हम धर्म और अंधविश्वास में और भी गहरे डूबते जा रहे हैं। अंधविश्वास का सागर और भी फैलता जा रहा है। इसी वजह से हमें दुनिया में बेहद पिछड़ा हुआ माना जा रहा है। आज चीन वैज्ञानिक सोच के बल पर महाशक्ति बन गया है, और हम? ज़रा इस पर विचार कीजिए। ट्वीट4 जो सरकार आने वाले समय में देश की जनसंख्या को आधा कर सकेगी, वही सफल होगी। डेढ़ अरब की आबादी ने इंसानों को कीड़े-मकोड़ों में तब्दील कर दिया है। ट्वीट5 देश की विपक्षी राजनीतिक पार्टियों की खंडित संरचना महज एक ढांचा है। वे एक-दूसरे की कब्र खोदने में लगी हुई हैं। आशीष पाराशर/07 मई2026