रांची(ईएमएस)।झारखंड में विस्फोटक पदार्थों और अमोनियम नाइट्रेट के भंडारण, बिक्री और उपयोग को लेकर केंद्र सरकार ने निगरानी और सख्त कर दी है।केंद्र ने राज्य सरकार से इससे जुड़े लाइसेंस, भंडारण स्थल, सुरक्षा व्यवस्था और उपयोग की विस्तृत जानकारी मांगी है।साथ ही ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया है।गृह मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीइएसओ) की ओर से यह कवायद की जा रही है। केंद्र सरकार विशेष रूप से अमोनियम नाइट्रेट के भंडारण और परिवहन पर नजर रख रही है, क्योंकि इसका उपयोग खनन और औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ विस्फोटक सामग्री तैयार करने में भी किया जाता है।झारखंड में बड़ी संख्या में खनन परियोजनाएं संचालित हैं।ऐसे में राज्य में विस्फोटकों और अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग बड़े पैमाने पर होता है।केंद्र सरकार ने जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि सभी लाइसेंसधारियों का रिकॉर्ड अद्यतन रखा जाये और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाये। अब भंडारण स्थलों, बिक्री केंद्रों और उपयोग स्थलों की नियमित जांच की जायेगी।साथ ही संदिग्ध गतिविधियों और अनियमितताओं की सूचना तत्काल साझा करने की व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है।राज्य सरकार से कहा गया है कि विस्फोटकों के उपयोग और स्टॉक की निगरानी के लिए डिजिटल रिकॉर्ड को अद्यतन रखा जाये। यह कदम सुरक्षा कारणों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। केंद्र सरकार चाहती है कि विस्फोटक सामग्री के दुरुपयोग की संभावना को पूरी तरह रोका जाये और सभी गतिविधियां तय नियमों के तहत संचालित हो। कर्मवीर सिंह/12मई/26