नई दिल्ली (ईएमएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और स्वाभिमान सर्वोपरि हैं, लेकिन इसके साथ बातचीत के रास्ते हमेशा खुले रहने चाहिए। उनके मुताबिक तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी संवाद किसी भी रिश्ते को बेहतर बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। होसबले ने कहा कि भारत ने हमेशा शांति और संवाद की नीति अपनाई है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कई प्रयासों के बावजूद यदि उकसावे या हमले होते हैं तो भारत को परिस्थितियों के अनुसार कठोर जवाब देना पड़ता है। संघ महासचिव ने कहा कि राजनयिक संबंध, व्यापार और वीजा जैसी व्यवस्थाएं इसी सोच का हिस्सा हैं कि संवाद पूरी तरह समाप्त नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि यदि बातचीत की खिड़की बंद हो जाए तो रिश्तों में सुधार की संभावना भी खत्म हो जाती है। होसबले ने राष्ट्रीय पहचान, सांस्कृतिक मूल्यों, चुनावी राजनीति और वैश्विक संघर्षों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यतागत सोच, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत आने वाले समय में वैश्विक विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। सुबोध/१२-०५-२०२६