राष्ट्रीय
12-May-2026
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- भाजपा शासन में अपराधियों को संरक्षण मिलने से पेपर लीक माफिया बेलगाम, लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ - नीट परीक्षा रद्द होने से डॉक्टर बनने का सपना देख रहे लाखों विद्यार्थियों के सपने चकनाचूर, क्या भाजपा सरकार एक परीक्षा भी सही तरीके से नहीं करा सकती? ‎मुंबई, (ईएमएस)। भारतीय जनता पार्टी की सरकार केंद्र और कई राज्यों में आने के बाद से अपराधियों के हौसले बुलंद हुए हैं और शिक्षा क्षेत्र में भी माफियाराज का बोलबाला शुरू हो गया है। भाजपा सरकार एक परीक्षा भी सुचारू रूप से आयोजित नहीं कर पा रही है। नीट का पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने की नौबत आ गई है। भाजपा शासन में अपराधियों को संरक्षण मिलने के कारण ही पेपर लीक करने वाले माफिया खुलेआम घूम रहे हैं। नीट पेपर लीक मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह को बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाए, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है। इस संदर्भ में प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि 3 मई को देशभर में नीट परीक्षा आयोजित की गई थी। विद्यार्थी पूरे वर्ष मेहनत करके इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल होते हैं और ऐसी परीक्षा के पेपर लीक होना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। अब विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी। पुनर्परीक्षा से केवल 22 लाख विद्यार्थियों को ही नहीं बल्कि उनके 22 लाख परिवारों को भी भारी परेशानी होगी। नीट परीक्षा कई वर्षों की कठिन मेहनत, त्याग, अनुशासन और डॉक्टर बनने के सपने का प्रतीक है। परीक्षा रद्द होने से लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की आशाएं, आकांक्षाएं और सपने टूट गए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में दूसरी बार नीट परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। वर्ष 2024 में भी नीट-यूजी पेपर लीक हुआ था। उस समय केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुरुआत में पेपर लीक के आरोपों को खारिज किया था, लेकिन बाद में बिहार और हजारीबाग में अनियमितताओं को स्वीकार करते हुए दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन मौजूदा पेपर लीक की घटना से स्पष्ट है कि उस कार्रवाई का कोई असर नहीं हुआ। कांग्रेस सहित अन्य दलों की सरकार होने पर भाजपा मंत्री के इस्तीफे की मांग करती थी, लेकिन 2014 के बाद कितनी भी गंभीर घटना हो, भाजपा के किसी मंत्री ने इस्तीफा दिया हो ऐसा उदाहरण देखने को नहीं मिलता। महाराष्ट्र में भी देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में पेपर लीक की कई घटनाएं हुईं, लेकिन उन पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा गलत खबरें प्रकाशित करने वालों पर कार्रवाई करने की धमकी मुख्यमंत्री फडणवीस ने दी थी। 2 मई 2026 को आयोजित एसआरपीएफ दौंड पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में 100 में से 85 प्रश्न एक निजी प्रकाशक की पुस्तक से हूबहू पूछे गए थे, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े गैरप्रकार का उदाहरण है। भाजपा सरकार परीक्षा तक सही तरीके से आयोजित नहीं कर पा रही है, यह उसकी अक्षमता का प्रमाण है। देशभर के विद्यार्थी और अभिभावक भाजपा की इस अक्षम और निकम्मी सरकार को कभी माफ नहीं करेंगे। कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता की आवाज उठाती रही है। नीट पेपर लीक मामले में सरकार से जवाब मांगने के लिए कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों के साथ खड़ी है, ऐसा भी सपकाल ने कहा। संतोष झा- १२ मई/२०२६/ईएमएस