राष्ट्रीय
12-May-2026


:: इंदौर बेंच में एक माह तक चली मैराथन बहस, जल्द आएगा ऐतिहासिक निर्णय :: इंदौर (ईएमएस)। धार की ऐतिहासिक भोजशाला और कमल मौला मस्जिद विवाद में मंगलवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में सुनवाई पूरी हो गई। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगल पीठ ने करीब एक माह तक चली लंबी कानूनी बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब न्यायालय आने वाले दिनों में अपना ऐतिहासिक निर्णय सुनाएगा, जिस पर न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की नजरें टिकी हैं। बीते 6 अप्रैल से शुरू हुई इस मैराथन सुनवाई के दौरान हिंदू, मुस्लिम और जैन संगठनों द्वारा दायर पांच याचिकाओं और एक रिट अपील पर विस्तार से विचार किया गया। सुनवाई के अंतिम दिन सभी पक्षों ने अपनी दलीलें और दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। यह मामला बेहद जटिल है क्योंकि इसमें हजारों ऐतिहासिक दस्तावेज, विभिन्न धार्मिक मान्यताएं और पुरातत्व से जुड़े कानूनी प्रावधान शामिल हैं। मामले में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा प्रस्तुत की गई 2000 से अधिक पन्नों की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट में संकेत दिए गए हैं कि वर्तमान विवादित ढांचे के स्थान पर पहले परमार राजाओं के शासनकाल की एक विशाल संरचना मौजूद थी। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान ढांचे का निर्माण प्राचीन मंदिरों के अवशेषों और हिस्सों का पुन: उपयोग करके किया गया है। हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मूल रूप से वाग्देवी (मां सरस्वती) का मंदिर है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमल मौला मस्जिद बताता है। वहीं, जैन समाज ने भी इसे प्राचीन जैन मंदिर होने का दावा पेश किया है। धार स्थित यह एएसआई संरक्षित स्मारक वर्षों से विवादों के केंद्र में रहा है। अब जबकि हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनकर फैसला सुरक्षित कर लिया है, यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस विवाद पर एक कानूनी स्पष्टता आएगी। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि फैसला नियत समय पर सुनाया जाएगा। प्रकाश/12 मई 2026