नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत में वर्ष 2026 की शुरुआत युवाओं के लिए रोजगार के मोर्चे पर चुनौतीपूर्ण रही है। 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग में बेरोजगारी दर वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम महीनों में लगातार बढ़ती दिखाई दी। अप्रैल 2025 में बेरोजगारी दर 13.8 प्रतिशत थी, जो जून 2025 में बढ़कर 15.3 प्रतिशत तक पहुंच गई। बाद में कुछ राहत के बाद दिसंबर 2025 से फिर तेजी देखने को मिली और मार्च 2026 में यह आंकड़ा 15.2 प्रतिशत दर्ज किया गया। आंकड़ों के अनुसार युवा महिलाओं की स्थिति पुरुषों की तुलना में ज्यादा चिंताजनक रही। दिसंबर 2025 में युवा महिलाओं की बेरोजगारी दर 16.3 प्रतिशत थी, जो जनवरी 2026 में बढ़कर 17.8 प्रतिशत तक पहुंच गई। फरवरी में यह 17.6 प्रतिशत और मार्च में 17.7 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे साफ है कि नौकरी तलाश रही युवतियों को रोजगार पाने में अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। युवा पुरुषों में भी बेरोजगारी बढ़ी है। दिसंबर 2025 में यह दर 13.7 प्रतिशत थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 14.3 प्रतिशत पहुंच गई। हालांकि पुरुषों की श्रम भागीदारी दर पूरे वर्ष 60 प्रतिशत से ऊपर बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजगार बाजार में महिलाओं की भागीदारी पहले से ही कम है। पूरे वर्ष युवा महिलाओं की श्रम भागीदारी दर 20 से 23 प्रतिशत के बीच रही, जो पुरुषों की तुलना में काफी कम है। ऐसे में बढ़ती बेरोजगारी और कम भागीदारी, दोनों मिलकर युवतियों के लिए रोजगार संकट को और गंभीर बना रहे हैं। सुबोध/१२-०५-२०२६