लंदन,(ईएमएस)। ब्रिटेन वर्तमान में एक बड़े राजनीतिक संकट की चपेट में है, जहां प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर पर इस्तीफा देने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। उनकी लेबर सरकार को तब गहरा झटका लगा जब आवास मंत्री मियाटा फानबुले ने पद छोड़ दिया। हालांकि, स्टॉर्मर ने साफ किया है कि वह अपनी कुर्सी नहीं छोड़ने वाले और सरकार का कामकाज जारी रखूंगा। डाउनिंग स्ट्रीट से जारी बयान के अनुसार, स्टॉर्मर ने कैबिनेट बैठक में कहा कि पार्टी के भीतर नेतृत्व चुनौती की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि देश इस अस्थिरता के आर्थिक प्रभावों को महसूस कर रहा है, लेकिन जनता सरकार से काम जारी रखने की उम्मीद करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लेबर पार्टी में नेता को चुनौती देने की एक स्थापित प्रक्रिया है और वह अभी तक सक्रिय नहीं हुई है। इस बीच, हाउसिंग, कम्युनिटीज और लोकल गवर्नमेंट मंत्री फानबुले के इस्तीफे ने संकट और बढ़ा दिया। उन्होंने अपने बयान में आरोप लगाया कि सरकार ने वह गति, विजन और साहस नहीं दिखाया जिसकी जनता को उम्मीद थी। फानबुलेह ने स्टॉर्मर से देश और पार्टी के हित में व्यवस्थित नेतृत्व परिवर्तन की समयसीमा तय करने की अपील करते हुए कहा कि जनता अब उन पर उस बदलाव को लाने का विश्वास नहीं करती जिसका उन्होंने वादा किया था। मंगलवार सुबह डाउनिंग स्ट्रीट पर मंत्रियों और सांसदों की आवाजाही बढ़ गई, जो सरकार के भीतर बढ़ती हलचल का संकेत थी। ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी हेइडी अलेक्जेंडर और ट्रेजरी मंत्री जेम्स मरे जैसे वरिष्ठ मंत्रियों को नंबर 10 पर देखा गया, हालांकि उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की। कई लेबर सांसदों ने भी सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री से पद छोड़ने की मांग करनी शुरू कर दी है। हालिया चुनावी नतीजों के बाद से लेबर पार्टी के भीतर असंतोष पनप रहा है, जहां कई नेताओं का मानना है कि पार्टी जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लेबर पार्टी के भीतर औपचारिक नेतृत्व चुनौती शुरू होती है, या स्टॉर्मर किसी तरह की राजनीतिक जुगत से अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब हो पाते हैं। आशीष दुबे / 13 मई 2026