-दिवालिया होने से बाल-बाल बचा इस्लामाबाद,(ईएमएस)। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 1.32 अरब डॉलर की महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्राप्त होने के बाद पाकिस्तान फिर दिवालिया होने से बचा है। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक (एसबीपी) ने घोषणा की कि आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड द्वारा एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (ईएफएफ) के तहत तीसरी समीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद यह राशि जारी की गई है। इस वित्तीय पैकेज का उद्देश्य देश को आर्थिक स्थिरता की ओर बढ़ने में मदद करना है, खासकर तब जब उसकी अर्थव्यवस्था गंभीर दबाव में है। प्राप्त धनराशि में ईएफएफ कार्यक्रम के तहत करीब 1.1 अरब डॉलर और रेजिलियंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (आरएसएफ) के तहत लगभग 220 मिलियन डॉलर शामिल हैं। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने पुष्टि की कि 12 मई, 2024 को आईएमएफ से कुल 914 मिलियन एसडीआर, जो लगभग 1.3 अरब डॉलर के बराबर है, प्राप्त हो गए हैं। यह राशि जल्द ही पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में दिखाई देगी। आईएमएफ ने 8 मई को अपने कार्यकारी बोर्ड की एक बैठक में इस किस्त को जारी करने की मंजूरी दी थी। आईएमएफ ने इस मदद को पाकिस्तान के लिए एक नया सहारा बताया है, जो अपने विदेशी मुद्रा भंडार को फिर से बनाने और बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के प्रयासों में लगा हुआ है। इसके साथ ही, पाकिस्तान आईएमएफ द्वारा सुझाए गए राजस्व बढ़ाने और सरकारी कंपनियों के निजीकरण जैसे आर्थिक सुधारों को भी आगे बढ़ा रहा है। इस ऋण के मिलने को शहबाज शरीफ सरकार ने अपनी आर्थिक नीतियों और सुधारों पर आईएमएफ के भरोसे का संकेत बताया है। उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भी फैसले को सरकार के उठाए गए कदमों पर आईएमएफ का विश्वास प्रदर्शित करने वाला बताया। पाकिस्तान के लिए बेलआउट पैकेज सितंबर 2022 में अनुमोदित 37 महीने के ईएफएफ अरेंजमेंट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश की सहनशक्ति को बढ़ाना और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है। कुल मिलाकर, आईएमएफ ने पाकिस्तान के लिए 7 अरब डॉलर की ईएफएफ सुविधा और जलवायु परिवर्तन तथा आपदा प्रबंधन से निपटने के लिए आरएसएफ के तहत 1.4 अरब डॉलर का अतिरिक्त फंड मंजूर किया था, जिससे यह पूरी वित्तीय व्यवस्था 8.4 अरब डॉलर की है। इस नई किस्त के साथ, पाकिस्तान अब तक इस समझौते के तहत कुल 4.5 अरब डॉलर की राशि प्राप्त कर चुका है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 17 अरब डॉलर के पार हो जाएगा। आशीष दुबे / 13 मई 2026