अंतर्राष्ट्रीय
13-May-2026


काठमांडू (ईएमएस)। काठमांडू और बीजिंग के बीच आर्थिक एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर फिर गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे दोनों देशों के संबंधों में नई गर्माहट आई है। रिपोर्टों के अनुसार, आने वाले महीनों में कई उच्चस्तरीय बैठकें प्रस्तावित हैं, जिसमें चीन समर्थित परियोजनाओं की प्रगति और अटकी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर गहन चर्चा होगी। जून के पहले सप्ताह में काठमांडू में नेपाल-चीन सहयोग कार्यक्रम एवं परियोजना कार्यान्वयन तंत्र की तीसरी बैठक प्रस्तावित है। इसमें चीन द्वारा वित्तपोषित परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा होगी और काम में आ रही बाधाओं को दूर करने का प्रयास होगा। इसके अतिरिक्त, नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय और नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग के बीच भी द्विपक्षीय बातचीत की उम्मीद है। चीन जिन प्रमुख परियोजनाओं पर नेपाल में काम कर रहा है, उनमें स्याफ्रुबेसी-रसुवागढ़ी राजमार्ग सुधार, चिलिमे-रसुवागढ़ी-केरंग ट्रांसमिशन लाइन और नेपाल-चीन सीमा पार रेलवे परियोजना शामिल हैं। बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत कई अन्य परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं, हालांकि अधिकांश अभी शुरुआती चरण में ही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल की यह सक्रियता केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि रणनीतिक महत्व भी रखती है। भारत के साथ हालिया सीमा विवाद और राजनीतिक तनाव के बीच चीन से नेपाल की बढ़ती नजदीकी को नई दिल्ली के लिए एक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस बढ़ती साझेदारी को लेकर नेपाल के भीतर चिंताएं भी कम नहीं हैं। आलोचकों को डर है कि बड़े पैमाने पर कर्ज आधारित चीनी परियोजनाएं नेपाल को श्रीलंका या पाकिस्तान जैसी ऋण-निर्भर स्थिति में धकेल सकती हैं, खासकर जब देश की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि, पर्यटन और विदेशों से आने वाली रेमिटेंस पर निर्भर करती है। पोखरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उदाहरण अक्सर दिया जाता है, जिसे चीनी ऋण से विकसित किया गया था लेकिन सीमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के कारण उसका उपयोग अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं दे पा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि काठमांडू संतुलन की नीति अपनाना चाहता है, ताकि चीन से निवेश और बुनियादी ढांचा विकास का लाभ भी मिले और अत्यधिक कर्ज के जोखिम से भी बचा जा सके। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नेपाल चीन के साथ सहयोग और भारत के साथ अपने पारंपरिक संबंधों को कैसे संतुलित करता है। आशीष दुबे / 13 मई 2026