क्षेत्रीय
13-May-2026
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ग्वालियर ( ईएमएस ) |  बारिश से पूर्व सभी नाले एवं सीवर लाइनें हर हाल में साफ हो जाऐं। यदि नाला सफाई न होने के कारण कहीं भी जल भराव होता है, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारी जिम्मेदार होंगे और मौके पर ही उनके खिलाफ कडी कार्यवाही की जाएगी। उक्ताशय के निर्देश नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने नाला सफाई एवं सीवर सफाई की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक में  अपर आयुक्त टी प्रतीक राव, प्रदीप तोमर, मुनीष सिकरवार, कार्यपालन यंत्री पीएचई, सहायक यंत्री पीएचई एवं स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी सहित अन्य सभी संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। निगमायुक्त ने सर्वप्रथम नाला सफाई की विधानसभा वार समीक्षा की तथा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके द्वारा यह लिस्ट संबंधित जनप्रतिनिधि को भी दी जाएगी यदि आपकी दी गई जानकारी गलत हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही 10 दिवस बाद पुनः समीक्षा की जाएगी। जो नाले रह गए हैं उन्हें तत्काल साफ करा लें और नाला सफाई के लिए जो भी संसाधन आवश्यक है वह वर्कशॉप एवं अन्य संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि नालों की सफाई एंड टू एंड तक होनी चाहिए। जो नाले मैनुअल होने हैं उनकी मैनुअल सफाई करायें तथा जिनकी मशीनों से होने है उनकी मशीनों से सफाई करायें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें।   समस्या ग्रस्त वाले क्षेत्रों में सीवर के पॉइंट का शीघ्र करंे स्थाई निराकरण बैठक में निगमायुक्त श्री संघ प्रिय ने सर्वाधिक जल भराव वाले समस्या ग्रस्त ऐसे क्षेत्रों में जहां सीवर लाइन या तो क्षतिग्रस्त है या अंडर लाइन है ऐसे सभी क्षेत्रों का चिन्हांकित कर 94 पॉइंट पर कार्य किया जा रहा है। जिसको लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे सभी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के स्थायी निराकरण हेतु तत्काल कार्य करायें और संबंधित इंजीनियर प्रकरण बनाकर यह भी बताएं कि राशि की व्यवस्था कहां से होगी अथवा अतिरिक्त राशि कितनी आवश्यक है। बैठक में विधानसभा वार सीवर समस्या निवारण की चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीवर लाइनों की जो सफाई करानी है उसका शेड्यूल बनाकर दें तथा संबंधित ठेकेदार से सीवर लाइनों की सफाई करायें। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह भी जानकारी दें कि जहां गोबर अथवा नाले के कारण सीवर चौक होती है। उसका भी निराकरण करायें।