बेगूसराय, (ईएमएस)। बिहार के बेगूसराय जिले के बखरी थाना क्षेत्र के लौछे गांव में अपराधियों द्वारा एक युवक को घर से बुलाकर गोली मारने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। परिजनों ने हत्या के पीछे पुराने जमीन विवाद को मुख्य वजह बताया है। मृतक की पहचान लौछे गांव वार्ड संख्या-5 निवासी स्वर्गीय विपुल सिंह के 32 वर्षीय पुत्र रॉबिन कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रॉबिन कुमार मुंबई में रहकर ठेकेदारी का काम करता था। करीब एक वर्ष पहले वह गांव लौट आया था और परिवार के साथ रह रहा था। मृतक के भाई सुबीन कुमार सिंह ने कहा कि बुधवार की रात करीब आठ बजे रॉबिन कुमार अपने घर पर गाय को चारा दे रहा था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर किसी का फोन आया। फोन आने के बाद वह जल्दबाजी में घर से निकल गया। मां ने उसे खाना खाने के लिए आवाज दी, लेकिन उसने कहा कि खेत से लौटकर खाना खाएगा। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। मोबाइल पर कई बार कॉल किया गया, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। बारिश के बीच पूरी रात गांव और आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई। बाद में मामले की सूचना बखरी थाना पुलिस को दी गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस को दो बार सूचना देने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की। रात करीब ढाई बजे घर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर पोटियारी बहियार से रॉबिन कुमार का शव बरामद किया गया। शव के पास उसका मोबाइल फोन और चप्पल भी पड़े थे। परिजनों के अनुसार उसके सिर और सीने में गोली मारी गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि अपराधी रॉबिन कुमार को घर से बुलाकर ले गए थे। वहां पहले शराब पार्टी के दौरान उसे शराब पिलाई गई और फिर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को बहियार में फेंक दिया गया ताकि मामला छिपाया जा सके। परिजनों ने हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई है। उनके अनुसार करीब तीन साल पहले परिवार ने गांव में एक बीघा जमीन खरीदी थी। पिछले एक वर्ष से गांव के ही दो लोगों के साथ उस जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। सुबीन कुमार सिंह ने कहा कि बीते 7 मार्च को भी उनके साथ मारपीट की गई थी। उस दौरान गले से सोने की चेन छीन ली गई थी और पिस्टल के बट से हमला कर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि इस मामले की शिकायत पहले भी पुलिस से की गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि पुलिस पहले ही सख्ती दिखाती तो रॉबिन कुमार की जान बच सकती थी। उधर पुलिस का कहना है कि जमीन विवाद सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। संतोष झा- १४ मई/२०२६/ईएमएस