1.20 लाख पद डाइंग कैडर घोषित, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए निर्देश -नियम विरुद्ध नियुक्ति पर अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई भोपाल,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए प्रदेश के करीब 1 लाख 20 हजार पदों को “डाइंग कैडर” घोषित कर दिया है। इसका अर्थ है कि इन पदों पर अब भविष्य में कोई नई भर्ती नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने यह कदम वित्तीय बोझ कम करने और प्रशासनिक संरचना को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से उठाया है। सरकार के फैसले के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने सभी विभागों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि कार्यभारित, आकस्मिकता निधि, संविदा और कोटवार श्रेणी के समाप्त किए गए पदों पर यदि किसी स्तर पर नई नियुक्ति की जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य मंत्रिमंडल पहले ही इन श्रेणियों के पदों को समाप्त करने का निर्णय ले चुका था। अब विभागीय आदेश जारी होने के बाद यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से लागू हो गई है। आदेश के अनुसार प्रदेश में अब केवल नियमित और संविदा श्रेणी के स्वीकृत पदों पर ही भर्ती की जाएगी। अन्य सभी समाप्त कैडर में नई नियुक्तियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिन पदों को समाप्त किया गया है, उनमें कार्यभारित श्रेणी के 16,810 पद, आकस्मिकता निधि के 55,808 पद तथा संविदा और कोटवार श्रेणी के 34,497 पद शामिल हैं। कार्यभारित पद सामान्यतः सड़क निर्माण, सिंचाई और भवन निर्माण जैसी परियोजनाओं के लिए अस्थायी तौर पर बनाए जाते थे। वहीं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों का भुगतान अस्थायी प्रशासनिक खर्च के तहत किया जाता था। कोटवार और कुछ संविदा पद निश्चित अवधि के अनुबंध के आधार पर संचालित होते थे। आदेश में यह भी कहा गया है कि नियमित पदों पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को मार्च 2027 तक चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। उनकी जगह नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि इस फैसले से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक वित्तीय भार कम होगा। हालांकि, कर्मचारी संगठनों के बीच इस फैसले को लेकर चिंता भी देखी जा रही है, क्योंकि इससे भविष्य की रोजगार संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। हिदायत/ईएमएस 14मई26