सासाराम, (ईएमएस)। बिहार के कैमूर जिले की एक स्थानीय अदालत ने असम राइफल्स के सूबेदार मेजर शशिभूषण तिवारी की हत्या मामले में छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 अजीत कुमार मिश्रा की अदालत ने सुनाया। दोषियों में मेढ़ गांव निवासी दीनानाथ गोंड के पुत्र श्रवण गोंड और राकेश गोंड, बचाऊ सिंह के पुत्र सुभाष सिंह, नचकू गोंड के पुत्र अर्जुन कुमार, बभनियाव गांव निवासी अनिल गोंड तथा तेनौरा गांव निवासी राजेश कुमार उर्फ राजेश राम शामिल हैं। मामले की प्राथमिकी मृतक की पत्नी सीमा तिवारी ने चांद थाना में दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, शशिभूषण तिवारी असम राइफल्स में मणिपुर में तैनात थे और 8 मई 2022 को छुट्टी पर अपने गांव आए थे। 16 जून 2022 को वे अपने बच्चों से मिलने वाराणसी के रामनगर स्थित घर गए थे। उसी रात आरोपियों ने उन पर कुल्हाड़ी और फावड़े जैसे धारदार लोहे के हथियारों से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की वजह निर्माण कार्य को लेकर विवाद था। तिवारी ने मकान निर्माण के लिए आरोपियों को काम पर लगाया था। एक पिलर गलत ढंग से बनाए जाने को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान तिवारी ने आरोपी श्रवण गोंड को थप्पड़ मार दिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसी अपमान का बदला लेने के लिए आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी। संतोष झा- १५ मई/२०२६/ईएमएस