राज्य
17-May-2026


भोपाल(ईएमएस)। प्रदेश में गर्मी से लोग हलाकान है ऐसे में कुछ लोग ठंडक पाने के लिए बीयर का सहारा लेते है लेकिन प्रदेश की अधिकांश शराब दुकान से पसंदीदा ब्रांड की बीयर न मिलने से लोग परेशान है जिसका जिक्र वह अपने सोशल मीडिया एकांउट पर पोस्ट करके भी कर रहे है। इधर लोकप्रिय ब्रांड की किल्लत का फायदा शराब ठेकेदार भी उठा रहे हैं और वे पसंदीदा ब्रांड के लिए प्रति बोतल 50 और कैन के लिए 70 रुपये तक अधिक ले रहे हैं। प्रदेश में शराब दुकानों पर बीयर की कमी ने लोगों और ठेकेदारों दोनों को परेशान कर रखा है। आलम यह है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में लोकप्रिय ब्रांड्स की बीयर की न तो बोतलें उपलब्ध हैं और न ही कैन। आबकारी विभाग ने प्रदेश में बीयर की कमी को दूर करने के लिए न केवल शराब दुकानों पर राशनिंग लागू कर दी थी, बल्कि प्रदेश से अन्य राज्यों और विदेशों में जाने वाली बीयर पर भी रोक लगा दी है। इसके बाद भी ग्राहकों की डिमांड पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में शौकीन ग्राहक खाली हाथ लौट रहे हैं। इसके साथ ही शराब ठेकेदार भी चिंतित हैं। क्योंकि इससे उनकी बिक्री भी प्रभावित हो रही है। आबकारी विभाग के सूत्रों के अनुसार एमपी में फिलहाल एक शराब दुकान को अधिकतम 300 पेटी बीयर की ही सप्लाई की जा रही है। इधर लोकप्रिय ब्रांड की किल्लत का फायदा शराब ठेकेदार भी उठा रहे हैं और वे पसंदीदा ब्रांड के लिए प्रति बोतल 50 और कैन के लिए 70 रुपये तक अधिक ले रहे हैं। आबकारी विभाग के पास भी ऐसी शिकायतें पहुंच रही हैं। नियम के मुताबिक प्रदेश में एमआरपी से अधिक पर शराब नहीं बेची जा सकती। गर्मियों में अधिक डिमांड लेकिन सप्लाई का संकट गर्मी के मौसम में बीयर की खपत बढ़ जाती है और पहले ठेकेदार सीजन के लिए स्टॉक कर लेते थे, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। भोपाल के एक शराब कारोबारी के मुताबिक आबकारी के वेयरहाउस से सीमित मात्रा में हाई रेंज बीयर की सप्लाई होती है, लेकिन सुबह 11 बजे तक स्टॉक खत्म हो जाता है। बीयर के शौकीन ग्राहक पसंदीदा ब्रांड के अलावा चीप रेंज (सस्ती) वाली बीयर खरीद ही नहीं रहे हैं। कुछ शराब दुकानों में तो महंगी बीयर की बिक्री के लिए प्रति ग्राहक 2 बोतल या कैन की सीमा तय की गई है। नाराज लोग सोशल मीडिया पर कर रहे पोस्ट पसंदीदा ब्रांड की बीयर न मिलने पर नाराज ग्राहक सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल रहे हैं कि कई ब्रांड की पॉपुलर बीयर महीनों से नहीं मिल रही। कुछ उपभोक्ताओं ने पसंदीदा ब्रांड के लिए अधिक रकम की डिमांड की शिकायतें भी सोशल मीडिया पर डाली हैं। इस समस्या की प्रमुख बजह भोपाल, इंदौर, जबलपुर, अलीराजपुर, ग्वालियर आदि जिलों के कई शराब कारोबारियों ने आबकारी अधिकारियों से मुलाकात कर बीयर की सप्लाई बढ़ाने और इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। अफसरों ने इसके समाधान का आश्वासन जरूर दिया लेकिन स्थिति जस की तस है। आबकारी के अफसर भी दबी जुबान में मानते हैं कि एक बड़ी शराब निर्माता कंपनी का लाइसेंस निरस्त होने के बाद स्थिति बिगड़ी है, क्योंकि सस्ती और हाई रेंज बीयर की लगभग 50 फीसदी सप्लाई इसी कंपनी से होती थी। इसके अलावा ईरान- अमेरिका विवाद ने भी रही-सही कसर निकाल दी, क्योंकि बीयर की पैकेजिंग के लिए लगने वाली बोतल, कैन और कार्डबोर्ड के दामों में भी काफी तेजी आई है। विभाग कर रहा प्रयास आबकारी विभाग के सूत्रों के अनुसारजल्द ही जिस कंपनी के लाइसेंस निरस्त किए गए थे, उसके पास पहले से रखा हुआ बीयर और शराब का स्टॉक लेकर शराब दुकानों पर सप्लाई किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को आदेश जारी हो सकते हैं। इस कंपनी के स्टॉक के बाजार में आने से बीयर की शॉर्टज कुछ हद तक दूर हो सकती है। इन ब्रांड्स की किल्लत हेवईस, हेनरिक, हेइनेकेन, किंगफिशर, ट्यूबॉर्ग, हंटर, लीजेंड आदि । यह ब्रांड आसानी से मिल रहे दबंग, माउंट, प्रेसिडेंट, महारानी, बाबा आदि। आशीष पाराशर / 17 मई, 2026