* एनआईडी में ‘इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर’ का लोकार्पण, डिजाइन को मिला उद्यमिता का नया आयाम * मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा—एनआईडी बना वैश्विक ब्रांड, स्टार्टअप और नवाचार से गुजरात आगे * केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल का आह्वान—‘ड्रीम बिग, डिजाइन बोल्ड, वोकल फॉर लोकल’ से बनेगा आत्मनिर्भर भारत गांधीनगर (ईएमएस)| केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में रविवार को गांधीनगर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) में नवनिर्मित ‘इनक्यूबेशन एंड इनोवेश सेंटर’ का लोकार्पण किया। नवनिर्मित इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के लोकार्पण के बाद केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एनआईडी, गांधीनगर कैम्पस का अवलोकन भी किया। उन्होंने एनआईडी की पूरी टीम, प्रोफेसरों और देश के भविष्य छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि एनआईडी रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमिता को एक डोर में बांधने वाला देश का एक अग्रणी संस्थान है। 1961 में अहमदाबाद में एनआईडी की स्थापना के ऐतिहासिक उद्देश्य के बारे में बात करते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि आम तौर पर गुजरातियों की छवि ऐसी है कि वे व्यापार-रोजगार से जुड़े होते हैं, इसके बावजूद गुजरात में एनआईडी की स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य यही रहा होगा कि प्रत्येक व्यक्ति में मौजूद आंतरिक डिजाइन के संस्कार और क्षमता को एक मजबूत प्लेटफॉर्म देकर समाज के समक्ष उजागर किया जा सके। उन्होंने कहा कि डिजाइन केवल कला या किसी चीज की आकर्षक प्रस्तुति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जगह का श्रेष्ठ उपयोग और लोक उपयोगिता बढ़ाने का विज्ञान है। क्रिकेट का उदाहरण देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने अतीत के संस्मरणों को ताजा किया। उन्होंने कहा, “अतीत में सुनील गावस्कर जैसे महान खिलाड़ी को भी प्रत्येक टेस्ट मैच के लिए बहुत कम फीस मिलती थी, जिसके कारण माता-पिता बच्चों को क्रिकेट खेलने से रोकते थे। लेकिन आईपीएल आने के बाद क्रिकेट एक शानदार करियर बन गया है। एनआईडी और डिजाइन क्षेत्र में भी इसी प्रकार की व्यावसायिक क्षमता को पूर्ण रूप से बाहर लाने की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि देश के प्रतिभाशाली डिजाइनरों को उचित प्लेटफॉर्म और पैसे मिलने ही चाहिए, ताकि मध्यम वर्ग के युवा भी इस क्षेत्र को बतौर करियर अपनाने से हिचकिचाएं नहीं। संस्थान में प्रदर्शनी के दौरान भारतीय डिजाइन नितिन बोस द्वारा डिजाइन की गई गाड़ियों का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमारे देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। यदि यही डिजाइन जापान के किसी डिजाइनर ने बनाया होता, तो उसे मिलने वाला वैश्विक एक्सपोजर एक अलग स्तर का होता। इस खाई को पाटने के लिए उन्होंने एनआईडी प्रबंधन को सुझाव दिया कि संस्थान में डिजाइनरों के साथ-साथ उनके काम का व्यवसायीकरण करने वाले विशेषज्ञों का एक अलग विभाग शुरू करना चाहिए, ताकि छात्रों को उपयुक्त मंच मिल सके। वर्ष 1982 में अपनी पाटण यात्रा के अनुभव को याद करते हुए अमित शाह ने ‘पाटण ना पटोला’ की डिजाइन के पीछे मौजूद गहरे वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कलर कॉम्बिनेशन की प्रशंसा की और कहा कि यह हमारी भव्य विरासत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज डिजाइन का विस्तार सोसाइटी के हर क्षेत्र में होना जरूरी है। चाहे वह कोई बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क हो या फिर सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन जैसा हाई-टेक सेक्टर हो, डिजाइन हर क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि 21वीं सदी में क्रिएटिविटी (रचनात्मकता), इनोवेशन (नवाचार) और डिजाइन से ही कोई वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से एनआईडी भारत की सृजनात्मकता का जीवंत प्रतीक बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में कार्यरत एनआडी में शुरू हुआ यह इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर एक नया मील का पत्थर बनने के साथ ही डिजाइनरों को भी प्रोत्साहन देगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के विजन से अब डिजाइन केवल एक विषय ही नहीं, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ जैसे अभियानों का अमूल्य हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने एनआईडी के प्रत्येक छात्र को इनोवेटर बताते हुए कहा कि आज एनआईडी युवाओं के लिए केवल एक संस्थान ही नहीं है, बल्कि यह एक ग्लोबल ब्रांड बन गया है और यहां के छात्र भारतीय संस्कृति, परंपरा और आधुनिकता के समन्वय से दुनिया को एक नई दिशा दिखा रहे हैं। इसलिए, यह नवनिर्मित इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर उचित स्थान पर उचित प्रकल्प साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवा शक्ति के टैलेंट, इनोवेशन और क्रिएटिविटी को बढ़ावा देने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इतना ही नहीं, चूंकि उद्यमिता राज्य के नागरिकों के डीएनए में है, इसलिए आज गुजरात में 16 हजार स्टार्टअप कार्यरत हैं। इस कारण राज्य को स्टार्टअप के क्षेत्र में ‘बेस्ट परफॉर्मर स्टेट’ का अवॉर्ड मिला है। भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विशिष्ट विजन से देश के शैक्षणिक संस्थान उत्कृष्टता और नवाचार का केंद्र बन गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने एक खास बात का उल्लेख करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद संसद द्वारा पारित किया गया सबसे पहला विधेयक ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एक्ट, 2014’ था। इस ऐतिहासिक विधेयक के कारण एनआईडी को ‘राष्ट्रीय महत्व का संस्थान’ का दर्जा प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में एनआडी को मजबूत संस्थागत ढांचा मिला है। 2000 में एनआईडी में केवल 35 छात्र ग्रेजुएशन कर रहे थे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 400 से अधिक हो गया है। मुख्यमंत्री ने इस बात का भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से ‘डिजाइन इन इंडिया, डिजाइन फॉर द वर्ल्ड’ का मंत्र दिया था, जिसके अनुसार उन्होंने भारत को दुनिया का डिजाइन हब बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21 सदी के इस ‘डिकेट’ को भारत का ‘टेकेड’ बनाने का संकल्प करके उसमें युवा शक्ति को जोड़ने के लिए स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम लॉन्च किया है। यह कार्यक्रम अब एक क्रांति बन गया है। एक दशक पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, जो आज बढ़कर लगभग 2 लाख स्टार्टअप हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि एनआईडी का यह इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर ‘चिप से लेकर शिप तक’ के डिजाइन निर्माण में अहम माध्यम बनेगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आज भारत आत्मविश्वास के साथ विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। देश के समग्र विकास के लिए इनोवेशन, डिजाइन थिंकिंग और एंटरप्रेन्योरशिप ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के मुख्य स्तंभ हैं। भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है और डिजिटल कनेक्टिविटी के जरिए अंतिम छोर के युवा भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले ‘गुजरात मॉडल’ की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि विकास और विरासत के समन्वय से आज पूरा देश प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास प्राचीन समय से ही स्थापत्य, वास्तुशास्त्र और विज्ञान के क्षेत्र में अद्यतन रहा है। दिल्ली के कुतुब मीनार के पास स्थित लौह स्तंभ इसका जीवंत उदाहरण है, जो सदियां बीत जाने के बाद भी जंग-मुक्त है। इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए, वर्तमान सरकार ने मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और डिजटल इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से युवाओं को रोजगार ढूंढ़ने वालों के बजाय रोजगार दाता बनाया है। नए सेंटर के महत्व पर बल देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि डिजाइन केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साधारण व्यक्ति के जीवन को आसान बनाने का जरिया है। उन्होंने एनआईडी के छात्रों द्वारा तैयार की गई महिन्द्रा की इलेक्ट्रिक कार की डिजाइन और अन्य इनोवेटिव उत्पादों का अवलोकन किया और सुझाव दिया कि शैक्षणिक संस्थाओं, उद्योगों ओर छात्रों के बीच का संपर्क मजबूत होना चाहिए। यह सेंटर केवल शैक्षणिक पाठ्यक्रम तक सीमित न रहते हुए युवाओं के विचारों को व्यावसायिक रूप से सफल बनाने के लिए प्लेटफॉर्म मुहैया कराएगा। केंद्रीय मंत्री गोयल ने युवा पीढ़ी से तीन मुख्य आह्वान किए, जिनमें ड्रीम बिग, डिजाइन बोल्ड (यानी बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और हिम्मतपूर्वक डिजाइनिंग करें, दुनिया के लिए डिजाइन तैयार करें यानी सेमीकंडक्टर, एआई और स्पेस टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करें) और वोकल फॉर लोकल के मंत्र को अपनाकर स्थानीय कारीगरों और हस्तकला को प्रोत्साहन दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह इनोवेशन सेंटर आने वाले समय में देश के टीयर-2 और टीयर-3 शहरों तक आधुनिकता और परंपरा का संदेश पहुंचाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। एनआईडी की गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष जयप्रकाश शिवहरे ने स्वागत भाषण में कहा कि वर्ष 1961 में स्थापित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन को 2014 में ‘राष्ट्रीय महत्व का संस्थान’ का दर्जा मिलते ही उद्योग जगत में इसका योगदान बहुत ही तेजी से बढ़ा है। अभी देश में पांच एनआईडी कार्यरत हैं और इस वर्ष के बजट में पूर्वी भारत में नया संस्थान शुरू करने की घोषणा के साथ ही जल्द ही छठा एनआईडी भी शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एनआईडी केवल सुंदरता (एस्थेटिक्स) तक ही सीमित नहीं है, अपितु यह अर्बन डिजाइन, ट्रांसपोर्ट और दूसरे क्षेत्रों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करके उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता है। इस अवसर पर नवनिर्मित ‘इनक्यूबेशन सेंटर’ का उद्घाटन भी किया गया, जो देश के 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को उनके विचारों को साकार करने, उद्योगों के साथ जुड़ने और निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए एक सक्षम प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। माननीय प्रधानमंत्री के ‘डिजाइन इन इंडिया, डिजाइन फॉर द वर्ल्ड’ विजन के तहत और वाणिज्य और उद्योग मंत्री मंत्री के मार्गदर्शन में उद्योगों के साथ बेहतर संपर्क स्थापित करने के मजबूत प्रयास किए जा रहे है, जिसमें ऐसे इनक्यूबेनशन सेंटर उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट सिस्टम सिद्ध होंगे। एनआईडी के निदेशक डॉ. अशोक मंडल ने कहा कि एनआईडी ने सस्टेनेबल पैकेजिंग के लिए महानुभावों के सुझावों को ध्यान में रखकर सोमनाथ और अंबाजी जैसे अहम तीर्थ स्थानों के लिए सस्टेनेबल पैकेजिंग तैयार की है। कार्यक्रम में आमंत्रित महानुभाव, एनआईडी के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। सतीश/17 मई