राज्य
17-May-2026


पटना, (ईएमएस)। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार ने राज्य में चल रहे जमीन सर्वे को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरे बिहार में जमीन सर्वे का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं और सर्वे कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन परिवारों में अब तक जमीन का बंटवारा नहीं हुआ है, वहां भी सर्वे की प्रक्रिया नहीं रुकेगी। ऐसे मामलों में जमीन उसी पुराने मालिक या पूर्वज के नाम पर दर्ज रहेगी, जिसके नाम से पहले से सरकारी रिकॉर्ड मौजूद हैं। सरकार के इस फैसले से उन लाखों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो वर्षों से जमीन बंटवारे और दस्तावेजी विवादों के कारण परेशान थे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का मानना है कि समय पर सर्वे पूरा होने से भविष्य में जमीन विवादों और मुकदमों में कमी आएगी। बिहार में होने वाले कई बड़े विवाद और आपराधिक घटनाओं की जड़ जमीन संबंधी झगड़े ही होते हैं। ऐसे में सरकार अब जमीन रिकॉर्ड को पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है। हाल के दिनों में कई अंचलों में कर्मचारियों की हड़ताल और कामकाज प्रभावित होने के कारण दाखिल-खारिज और सर्वे से जुड़े हजारों मामले लंबित हो गए थे। अब सरकार ने लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत राजस्व कर्मचारी सुबह 6 बजे से 9 बजे तक और शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक अतिरिक्त ड्यूटी करेंगे। इस बार जमीन सर्वे प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जा रहा है। सरकारी जमीन की पहचान और रिकॉर्ड की जांच के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की पहचान आसानी से हो सकेगी। सरकार का दावा है कि नई तकनीक से सर्वे प्रक्रिया पहले से अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगी। इसके साथ ही जमीन से जुड़े दस्तावेजों की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब जमीन के रिकॉर्ड और दस्तावेज केवल ऑनलाइन माध्यम से जारी किए जाएंगे। धीरे-धीरे ऑफलाइन व्यवस्था को समाप्त किया जा रहा है, ताकि रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़े और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगाई जा सके। इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी। संतोष झा- १७ मई/२०२६/ईएमएस