पटना, (ईएमएस)। भागलपुर जिले में विक्रमशिला पुल हादसे के बाद बिहार सरकार द्वारा शुरू किए गए व्यापक स्ट्रक्चरल ऑडिट अभियान के तहत आईआईटी पटना ने पथ निर्माण विभाग को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। जून 2025 से शुरू हुए इस ऑडिट में राज्य के 85 प्रमुख पुलों की जांच की जिम्मेदारी आईआईटी पटना को दी गई थी। अब तक 47 पुलों की रिपोर्ट विभाग को मिल चुकी है, जबकि बाकी रिपोर्ट जल्द आने की संभावना है। बताया गया है कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा रिपोर्ट के अध्ययन में 9 पुलों की स्थिति चिंताजनक पाई गई है, जिनमें तत्काल मरम्मत और मजबूतीकरण की आवश्यकता बताई गई है। मुजफ्फरपुर में स्टेशन के पास स्थित पुल और बैरिया से जीरो माइल के बीच गंडक नदी पर बने पुल को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। गया जिले में बसातपुर–सिंलौंजा मार्ग, चटकी–दरियापुर–गोरा रोड और राजबिगहा–बेलदार बिगहा के बीच स्थित तीन पुलों में भी मरम्मत की जरूरत बताई गई है। वहीं लखीसराय के दो पुलों, जिनमें एक आरओबी के पास और दूसरा शहर क्षेत्र में स्थित है, को भी सुधार सूची में शामिल किया गया है। हाजीपुर में रेलवे के पुराने पुल के पास बने एक पुल की स्थिति भी कमजोर पाई गई है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए जल्द मरम्मत कार्य शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए अलग से निविदा जारी की जाएगी। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने अधिकारियों को आईआईटी पटना की रिपोर्ट का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। साथ ही लखीसराय के एक पुल पर विशेष प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए हैं। फिलहाल आईआईटी पटना राज्य में 60 मीटर से अधिक लंबाई वाले पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कर रहा है, जबकि छोटे पुलों का रखरखाव रोड मेंटेनेंस पॉलिसी के तहत संबंधित निर्माण एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। संतोष झा- १७ मई/२०२६/ईएमएस