:: पीएम सूर्य घर योजना का डिजिटली होगा प्रचार-प्रसार – इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में एक साथ शुरू होगा जन-जागरूकता अभियान :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का डिजिटली प्रचार-प्रसार करने के लिए मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (एमपीयूवीएनएल) एक बड़ी शुरुआत करने जा रहा है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सोमवार यानी आज विभाग के विशेष व्हाट्सऐप चैटबॉट एवं प्रचार वीडियो का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवॉयरनमेंट एंड वॉटर के सहयोग से तैयार किए गए इस डिजिटल माध्यम को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सुबह 10 बजे आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में लॉन्च किया जाएगा। इस नई तकनीक की मदद से प्रदेश के नागरिकों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की सभी जानकारियां बेहद सरल और सुलभ तरीके से मिल सकेंगी। व्हाट्सऐप चैटबॉट के जरिए आमजन में योजना के प्रति जागरूकता तो बढ़ेगी ही, साथ ही घर बैठे आवेदन करने और सोलर संयंत्र लगाने की पूरी प्रक्रिया को समझने में भी मदद मिलेगी। :: पांच प्रमुख शहरों में एक साथ शुरू होगा आईईसी अभियान :: डिजिटल लॉन्चिंग के साथ ही प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों - भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर एवं जबलपुर में एक लक्षित सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) तथा जन-जागरूकता अभियान का भी शंखनाद किया जा रहा है। विभाग का यह विशेष अभियान उपभोक्ताओं के बीच योजना को लेकर विश्वास निर्माण करने, उनके व्यवहार में बदलाव लाने और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। :: आमजन के बीच लोकप्रिय हो रही है योजना :: मध्यप्रदेश में इस कल्याणकारी योजना को लेकर लगातार सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। अब तक प्रदेशभर से कुल 1 लाख 96 हजार 791 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 1 लाख 24 हजार 663 घरों में सोलर संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित भी किए जा चुके हैं। इन स्थापित संयंत्रों की कुल क्षमता 467.06 मेगावाट है। योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत सरकार द्वारा अब तक हितग्राहियों को 879.69 करोड़ रुपये की भारी-भरकम अनुदान राशि भी प्रदान की जा चुकी है। :: कई विभागों के अधिकारी होंगे शामिल :: आज आयोजित होने वाले इस भव्य चैटबॉट और आईईसी शुभारंभ कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ जिला कलेक्टर, बैंक प्रतिनिधि, विद्युत वितरण कंपनियों एवं नगर निगम के आला अफसर तथा योजना से जुड़े पंजीकृत वेंडर भी प्रमुख रूप से शामिल होंगे। प्रकाश/17 मई 2026