वॉशिंगटन (ईएमएस)। अमेरिकी सेना कथित तौर पर फिर ईरान पर सैन्य हमले शुरू करने की योजना बना रही है। शांति वार्ता के किसी नतीजे पर ना पहुंचने के बाद वॉशिंगटन को लग रहा है कि तेहरान पर दबाव बनाने के लिए सैन्य कार्रवाई जरुरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन का दो दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद यह योजना सामने आई है, जिसमें ईरान पर भीषण हमले की आशंका है। अमेरिका और इजरायल के गठबंधन ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद दोनों पक्षों में भीषण लड़ाई हुई थी। 8 अप्रैल को अस्थायी संघर्ष-विराम के बाद दोनों पक्षों में समझौते तक पहुंचने की कोशिशें अब तक नाकाम रही हैं। इससे दोनों के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने की आशंका ने जोर पकड़ा है। एक रिपोर्ट में बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले फिर से शुरू करने के लिए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0 की योजना तैयार की है। सैन्य समाधान का यह प्लान ट्रंप के चीन दौरे के बाद बना है। रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन आने वाले दिनों में इस ऑपरेशन को अंजाम देने की तैयारी में है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस सप्ताह कांग्रेस के समक्ष गवाही देते हुए सांसदों से कहा था कि यदि आवश्यक हुआ तब हमारे पास स्थिति को आगे बढ़ाने यानी हमले तेज करने की योजना मौजूद है। पश्चिम एशिया के दो अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका और इजरायल के अधिकारी ईरान के खिलाफ हमलों को अगले सप्ताह फिर से शुरू करने की गहन तैयारियों में जुटे हुए हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यदि ट्रंप फिर हमले शुरू करने का फैसला करते हैं, तब ईरान के बुनियादी ढांचे को टारगेट किया जा सकता है। रिपोर्ट में अमेरिकी योजना के तीन विकल्पों का जिक्र किया है। पहला विकल्प ईरान के सैन्य और बुनियादी ढांचे पर हवाई हमले करना है। दूसरा विकल्प यह है कि ईरान की जमीन पर विशेष अभियान के लिए सेना उतारी जाए ताकि वे जमीन के काफी नीचे गहराई में दबे हुए परमाणु सामग्री के भंडारों को नष्ट कर सकें। योजना का तीसरा और सबसे चुनौतीपूर्ण विकल्प यह है कि अमेरिकी सेना खर्ग द्वीप पर कब्जा करे। खर्ग ईरानी तेल निर्यात का एक बड़ा केंद्र है। इसमें मुश्किल यह है कि खर्ग पर कब्जा बनाए रखने के लिए काफी ज्यादा सैनिकों की जरूरत पड़ेगी और ईरान को यहां की भौगोलिक परिस्थिति से मिलने वाला फायदा अमेरिका की मुश्किलें बढ़ाएगा। वहीं ईरान ने इन संभावित हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी संसद के स्पीकर बाघेर गालिबाफ ने चेतावनी देकर कहा, हमारी सेना किसी भी हमले का करारा जवाब देने के लिए तैयार है। अमेरिका यह समझ ले कि गलत रणनीति और गलत फैसलों का नतीजा हमेशा गलत ही होता है। हम सभी विकल्पों के लिए तैयार हैं और पूरी ताकत से दुश्मन को जवाब दे सकते है। हालांकि सेना के पास प्लान तैयार है, लेकिन ट्रंप ने अभी तक हमले फिर से शुरू करने का अंतिम फैसला नहीं लिया है। डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को धमकी दे रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होगा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर अमेरिका अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा। घरेलू मोर्चे पर ट्रंप के लिए यह युद्ध एक बड़ी चुनौती बन गया है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले, अमेरिका में ईरान युद्ध लगातार अलोकप्रिय होता जा रहा है। अमेरिका के सहयोगी देश भी ट्रंप पर लगातार इस बात का दबाव बना रहे हैं कि वे फिर लड़ाई की जगह समझौते पर पहुंचने का रास्ता अपनाएं। आशीष/ईएमएस 18 मई 2026