राष्ट्रीय
19-May-2026
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रायपुर(ईएमएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक के बाद क्षेत्र के विकास को लेकर बड़ा रोडमैप सामने आया है। बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में शाह ने कहा कि बस्तर में अब भय का माहौल समाप्त हो चुका है और पूरे क्षेत्र में उत्साह तथा विश्वास का वातावरण दिखाई दे रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर के पिछले दशकों के इतिहास को देखने पर स्पष्ट होता है कि क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद रहा है। उन्होंने कहा कि देश के कई ऐसे क्षेत्र भी रहे, जो कभी बस्तर से अधिक पिछड़े थे, लेकिन वहां नक्सलवाद नहीं होने के कारण वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ते चले गए, जबकि बस्तर अपेक्षाकृत पीछे रह गया। अमित शाह ने कहा कि 19 मई 2026 को बस्तर के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब समग्र विकास की नई परिकल्पना शुरू की जा रही है और लक्ष्य बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाना है। उन्होंने बताया कि नक्सल मुक्त होने के बाद बस्तर में स्थापित 200 सुरक्षा कैंपों में से 70 कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा के रूप में विकसित किया जाएगा। इन सेवा केंद्रों के माध्यम से सरकारी सुविधाएं गांवों तक पहुंचाई जाएंगी। यहां बैंकिंग सेवाएं, आधार कार्ड सुविधा, डिजिटल सेवाएं, कौशल प्रशिक्षण, सस्ता राशन, प्राथमिक शिक्षा और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि विकास प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तर की आदिवासी महिलाओं को पशुपालन से जोड़ने की योजना तैयार की गई है, जिसके तहत उन्हें गाय और भैंस उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही अगले छह महीनों में बड़े डेयरी नेटवर्क की स्थापना का लक्ष्य भी रखा गया है। शाह ने कहा कि नक्सलवाद के कारण रोजगार, शिक्षा, बिजली और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर असर पड़ा था, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार की ओर से 20,557 करोड़ रुपये की लागत से 12,211 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा 13 हजार मोबाइल टावर लगाने की योजना बनाई गई थी, जिनमें से 5 हजार टावर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 1,804 बैंक शाखाएं, 1,321 एटीएम और 800 डाकघर शुरू किए जा चुके हैं। इसके अलावा युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए 259 एकलव्य विद्यालय, 46 आईटीआई और 49 स्किल डेवलपमेंट सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान अमित शाह ने कहा कि नक्सल उन्मूलन अभियान में कई राज्यों की गैर-भाजपा सरकारों ने भी सहयोग किया, लेकिन उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाया। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार का उल्लेख करते हुए राजनीतिक टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बस्तर की पहचान भय से नहीं, बल्कि विकास, रोजगार, खेल और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के साथ होगी। सत्यप्रकाश(ईएमएस)19 मई 2026