राष्ट्रीय
19-May-2026


* डेढ़ महीने में 83 से बढ़कर 670 हुए संचालित सिरेमिक यूनिट, मोरबी उद्योग को मिला नया जीवन अहमदाबाद (ईएमएस)| मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध जैसी भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी गुजरात के मोरबी सिरेमिक उद्योग को बड़ी राहत मिली है। गुजरात एनर्जी लिमिटेड (जीईएल) की प्रभावी रणनीति और निर्बाध गैस आपूर्ति के कारण केवल डेढ़ महीने में मोरबी में संचालित सिरेमिक इकाइयों की संख्या 83 से बढ़कर 670 से अधिक हो गई है। इससे उद्योग जगत में नया विश्वास पैदा हुआ है और उत्पादन गतिविधियों को दोबारा गति मिली है। पूर्व में गुजरात गैस लिमिटेड के नाम से जानी जाने वाली गुजरात एनर्जी लिमिटेड ने मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में मोरबी में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की अधिकृत आपूर्तिकर्ता कंपनी के रूप में संकट की घड़ी में भी निरंतर गैस आपूर्ति और मूल्य स्थिरता बनाए रखकर राज्य के सिरेमिक उद्योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है। ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि वर्षों से जीईएल ने मोरबी सिरेमिक क्लस्टर की संपूर्ण मांग को पूरा करने के लिए व्यापक गैस वितरण नेटवर्क विकसित किया है। वर्तमान में लगभग 865 औद्योगिक इकाइयां जीईएल के पीएनजी पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि हालिया अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान कंपनी ने भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप मिडिल ईस्ट के अलावा अन्य वैश्विक बाजारों से प्राकृतिक गैस की खरीद कर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। युद्धजनित परिस्थितियों के कारण कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी, औद्योगिक प्रोपेन के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध तथा परिवहन लागत बढ़ने से मार्च 2026 के दूसरे पखवाड़े से मोरबी की कई सिरेमिक इकाइयों ने स्वेच्छा से उत्पादन बंद कर दिया था। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में जीईएल ने मोरबी सिरेमिक एसोसिएशन समेत उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा की। कंपनी ने अपनी विविधीकृत सोर्सिंग रणनीति का उपयोग करते हुए मई 2026 के लिए उद्योगों को स्थिर कीमत पर निरंतर गैस आपूर्ति का भरोसा दिया। इसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। 31 मार्च 2026 तक मोरबी क्षेत्र में केवल 83 औद्योगिक इकाइयां संचालित थीं, जबकि 17 मई 2026 तक यह संख्या बढ़कर 670 से अधिक हो गई। इससे उत्पादकों का भरोसा मजबूत हुआ है और पूरे सिरेमिक क्लस्टर में उत्पादन गतिविधियां तेजी से पुनर्जीवित हुई हैं। जीईएल केवल औद्योगिक उत्पादन तक सीमित नहीं रही, बल्कि उत्पादन इकाइयों में औद्योगिक और कर्मचारी कैंटीनों के लिए भी पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराकर संपूर्ण औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत बनाने का काम कर रही है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि संकट काल के दौरान कंपनी ने घरेलू और वाणिज्यिक क्षेत्रों में पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयास भी तेज किए। 1 मार्च से 17 मई 2026 के बीच कंपनी ने लगभग 40 हजार घरेलू पीएनजी कनेक्शन, करीब 13 हजार पुनः कनेक्शन तथा 500 व्यावसायिक कनेक्शन प्रदान किए। इसके अलावा गुजरात की सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों ने मिलकर लगभग 85 हजार घरेलू PNG कनेक्शन और 1100 वाणिज्यिक कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं। अस्पतालों, छात्रावासों, सामुदायिक रसोई, औद्योगिक कैंटीन, स्कूलों और कॉलेजों जैसे आवश्यक सेवाओं वाले उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई। इसी अवधि में आवश्यक श्रेणी के उपभोक्ताओं को लगभग 110 कनेक्शन दिए गए, जबकि राज्य की सभी सीजीडी कंपनियों ने मिलकर 225 कनेक्शन उपलब्ध कराए। मंत्री पटेल ने कहा कि वैश्विक संकट के कठिन दौर में जीईएल ने अपनी त्वरित कार्यक्षमता, उत्कृष्ट रणनीति और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से गुजरात के औद्योगिक इकोसिस्टम को सुरक्षित रखा है। उन्होंने कहा कि गुजरात का गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर वैश्विक भू-राजनीतिक संकट के सामने पूरी तरह मजबूत और लचीला साबित हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी सीजीडी निरंतर ऊर्जा आपूर्ति, मूल्य स्थिरता और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से गुजरात की औद्योगिक ताकत और घरेलू पीएनजी नेटवर्क के विस्तार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। सतीश/19 मई