मनोरंजन
20-May-2026
...


मुंबई (ईएमएस)। अपनी आगामी वेब सीरीज सतरंगी: बदले का खेल की रिलीज को लेकर अभिनेत्री महवश उत्साहित हैं। वेब सीरीज में उत्तर भारत की पारंपरिक लोक कला ‘लौंडा नाच’ और जाति आधारित भेदभाव को दिखाया गया है। अभिनेत्री का कहना है कि यह सीरीज केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देने की कोशिश भी करती है। एक बातचीत के दौरान महवश ने बताया कि जैसे ही उन्होंने इस सीरीज की कहानी सुनी, उन्होंने तुरंत इसके लिए हामी भर दी थी। अभिनेत्री के मुताबिक कहानी में समाज की उन सच्चाइयों को दिखाया गया है, जिन्हें उन्होंने खुद अपने आसपास देखा और महसूस किया है। उत्तर प्रदेश में पली-बढ़ी महवश ने कहा कि वह इस दुनिया और इसके संघर्षों को करीब से समझती हैं, इसलिए इस किरदार से खुद को आसानी से जोड़ पाईं। उन्होंने कहा कि उनके किरदार में कई भावनात्मक परतें हैं और एक कलाकार के तौर पर ऐसे जटिल किरदार निभाना हमेशा चुनौतीपूर्ण और रोमांचक होता है। सीरीज का ट्रेलर भी यह संकेत देता है कि कहानी सिर्फ बदले की नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान और न्याय की लड़ाई को भी सामने लाती है। महवश ने कहा कि आज भी समाज में लोगों को उनके नाम और जाति के आधार पर परखा जाता है। जातिगत हिंसा और भेदभाव अब भी समाज का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि सीरीज के जरिए यही दिखाने की कोशिश की गई है कि जिन चीजों पर किसी इंसान का नियंत्रण नहीं होता, उन्हीं वजहों से उसे कितनी कठिनाइयों और अपमान का सामना करना पड़ता है। अभिनेत्री को उम्मीद है कि यह कहानी लोगों को सोचने पर मजबूर करेगी और समाज में बदलाव लाने की दिशा में योगदान देगी। सीरीज में महवश एक प्रभावशाली और दबंग ग्रामीण परिवार की लड़की की भूमिका निभा रही हैं, जो अपने ही परिवार के अत्याचारों और जाति व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाती है। अपने ग्रामीण किरदार को लेकर अभिनेत्री ने कहा कि यह भूमिका निभाना उनके लिए मुश्किल नहीं था, क्योंकि उन्होंने गांव और शहर दोनों तरह की जिंदगी को करीब से जिया है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पिछली परियोजना प्यार पैसा प्रॉफिट ने उनके मुंबई वाले व्यक्तित्व को दिखाया था, तो ‘सतरंगी’ उनके अलीगढ़ की जड़ों और वास्तविक जीवन के अनुभवों को सामने लाती है। महवश ने अपने संघर्षों का जिक्र करते हुए बताया कि यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें कई ऑडिशन और रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हर असफलता से सीख मिलती है और वही कलाकार को मजबूत बनाती है। सुदामा/ईएमएस 20 मई 2026